पुणे: पुणे में एनसीपी एससीपी की नेता सांसद सुप्रिया सुले ने आज जनता के बीच रोड शो किया। एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने शिवाजीनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार दत्ता बहिरत के समर्थन में रोड शो किया।
एनसीपी एससीपी सांसद सुप्रिया सुले का मानना है कि विपक्ष में 95 प्रतिशत मामले है। जब कोई इतने मामले होने के बावजूद जब वह व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी में मिल जाता है तब उसके सारे काम माफ हो जाते है। सुप्रिया सुले ने कहा ये बहुत गंभीर बात है।
एनसीपी एससीपी सांसद सुप्रिया सुले का कहना है, ''...मुझे 2 साल से लगातार आईसीई किया जा रहा है। आईसीई का मतलब है इनकम टैक्स, सीबीआई और ईडी और जिस तरह से जो लोग विपक्ष में हैं उन्हें अदृश्य शक्ति के जरिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक आईसीई किया जाना चाहिए।
सुप्रिया सुले ने आगे कहा, "एजेंसियां खराब नहीं हैं, एजेंसियां अच्छी हैं, और वहां काम करने वाले लोग अच्छे हैं। समस्या यह है कि 95 प्रतिशत मामले विपक्ष में हैं और अगर वह व्यक्ति भाजपा में चला जाता है तो उनके सारे काम माफ हो जाते हैं जिस तरह से यह पूरा बयान किताब में आया है, मुझे लगता है कि यह बहुत गंभीर है...''
यह भी पढ़ें- अब गैर-हिंदू छात्रों के पर गिरेगी गाज, ST कोटा का लाभ उठाने वालों पर महाराष्ट्र सरकार करेगी कार्रवाई
राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल की एक किताब में किए गए दावे ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। हाल ही में छगन भुजबल ने ये दावा किया था कि भाजपा के साथ जुड़कर वे बहुत खुश थे क्योंकि उन्हें ईडी से छुटकारा मिल गया था। छगन भुजबल ने कहा कि वे ओबीसी होने के कारण केंद्रीय व्यवस्था लगा दी गई।
इस बयान पर एनसीपी एससीपी की नेता सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि ये बेहद गंभीर बात है, जिसकी पुष्टी इस किताब में की गई है।