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विधानसभा चुनाव 2026

केरलम में कांग्रेस की 10 साल बाद सत्ता में वापसी के संकेत, अब मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 5 दिग्गजों में होड़

Keralam CM Race: केरलम विधानसभा चुनाव के रुझानों में UDF की बढ़त के साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन तेज हो गया है। वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और शशि थरूर जैसे बड़े नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं

अमन उपाध्याय

Keralam CM Race Latest News In Hindi: केरलम विधानसभा चुनाव 2026 के वोटों की गिनती में आए शुरुआती रुझानों ने राज्य में सत्ता परिवर्तन की तस्वीरें अब साफ-साफ दिख रही हैं। रुझानों के अनुसार, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) 10 साल के लंबे अंतराल के बाद सत्ता में वापसी करता दिख रहा है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कांग्रेस 49 और उसकी सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) 17 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। जबकि सत्ताधारी एलडीएफ (LDF) काफी पीछे नजर आ रहा है। इस संभावित जीत के साथ ही अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार:

रमेश चेन्निथला: कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व गृह मंत्री रमेश चेन्निथला भी मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में शामिल हैं। उनके पास राजनीति का लंबा अनुभव है वे केरलम के सबसे कम उम्र के मंत्री रह चुके हैं और 2016 से 2021 तक विपक्ष के नेता भी रहे। इस बार के चुनाव में वे कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष भी थे।

शशि थरूर: शशि थरूर तिरुवनंतपुरम से लगातार सांसद का चुनाव जीतते आ रहे हैं और अब केरलम के मुख्यमंत्री बनने की रेस में उनका नाम भी काफी चर्चा में है। दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुके थरूर ने राजनीति में आने से पहले लगभग 29 साल तक संयुक्त राष्ट्र (UN) में बड़े पदों पर काम किया है। वे अपने आधुनिक विचारों और बेबाक अंदाज के लिए काफी मशहूर हैं।

वीडी सतीशन: अभी विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक हैं। वे 2001 से लगातार एर्नाकुलम की पारवूर सीट से जीतते आ रहे हैं। उन्हें अपनी पार्टी के साथ-साथ सहयोगी दल (IUML) का भी पूरा साथ मिला है। राजनीति में आने से पहले वे केरलम हाईकोर्ट में वकील थे और मजदूरों के हक के लिए भी काम कर चुके हैं।

केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल को राहुल गांधी का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता है। वे वर्तमान में सांसद और पार्टी के संगठन महासचिव हैं। दिल्ली में बैठकर पार्टी की रणनीतियां बनाने और बड़े फैसले लेने में उनकी मुख्य भूमिका रहती है, इसी वजह से मुख्यमंत्री पद के लिए उनका दावा काफी मजबूत माना जा रहा है।

सनी जोसेफ: मुख्यमंत्री पद की चर्चाओं में एक और नाम सनी जोसेफ का भी है। वे वर्तमान में केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष हैं और मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका भी काफी अहम मानी जा रही है। सनी जोसेफ पेरावूर से लगातार तीन बार विधायक रहे हैं और उन्हें पार्टी के भीतर गुटबाजी से दूर रहने वाला एक सुलझा हुआ नेता माना जाता है।

अब आगे क्या होगा?

राजनीतिक जानकारों की मानें तो कांग्रेस के लिए चुनाव जीतना जितना खुशी का मौका होगा, मुख्यमंत्री चुनना उतनी ही बड़ी चुनौती। पार्टी में कई बड़े नेता और अलग-अलग गुट हैं। जिससे पद के लिए खींचतान होना तय है। राज्य से लेकर दिल्ली तक के बड़े दावेदार इस रेस में हैं इसलिए सबको साथ लेकर चलने वाले किसी एक चेहरे को चुनना हाईकमान के लिए बड़ी परीक्षा होगी। अगर फैसला लेने में देरी हुई या किसी गुट को नजरअंदाज किया गया तो पार्टी के अंदर नाराजगी बढ़ सकती है। फिलहाल, सबकी नजरें नतीजों पर हैं।

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