बैठक में मौजूद शरद पवार गुट के नेता 
विधानसभा चुनाव 2026

शरद पवार गुट में अंदरूनी कलह, ठाणे के नेता बोले- दलबदलुओं को टिकट दिया तो नहीं करेंगे प्रचार

एनसीपी (शरदचंद्र पवार) में सुभाष पवार को लेने व उनको पार्टी का टिकट देने का शहर अध्यक्ष सहित संपूर्ण कार्यकारिणी ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि दलबदलुओं को टिकट दिया गया तो बदलापुर में प्रचार नहीं करेंगे।

आकाश मसने

ठाणे: आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों के दावेदारों में उम्मीदवारी पाने की होड़ शुरू हो गई है। इसमें एक पार्टी से दूसरी पार्टी में कूदने वालों की संख्या भी कम नहीं है। मुरबाड विधानसभा क्षेत्र से जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष और शिंदे गुट के पदाधिकारी सुभाष पवार ने महाविकास आघाड़ी के ठाकरे गुट और शरद पवार गुट से उम्मीदवारी पाने के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। सुभाष पवार को एनसीपी (शरदचंद्र पवार) में लेने व उनको पार्टी का टिकट देने का शहर अध्यक्ष सहित संपूर्ण कार्यकारिणी ने विरोध करते हुए शुक्रवार को निर्णय लिया कि यदि पार्टी हाई कमान सुभाष पवार को उम्मीदवारी देती है तो उनके खिलाफ खुलकर विरोध किया जाएगा।

महाविकास अघाड़ी में मुरबाड विधानसभा सीट ठाकरे गुट या एनसीपी के खाते में जा सकती है। स्थानीय राकां (शरद पवार) के बदलापुर शहर अध्यक्ष शैलेश वडनेरे पिछले कुछ वर्षों से इस निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी की कमान संभाले है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन पर अहम जिम्मेदारी थी। लेकिन अब जब उनको उम्मीदवारी मिलने पर संदेह है, तो उन्होंने फैसला किया है कि अगर महाविकास आघाड़ी अन्य दलों के दलबदलुओं को उम्मीदवारी देती है तो बदलापुर शहर में न वे प्रचार करेंगे और न ही आयाराम को प्रचार करने दिया जाएगा।

मुरबाड विधानसभा सीट को लेकर मचा बवाल

मुरबाड विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या का 50 फीसदी से अधिक बदलापुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से है। इसलिए भाजपा के किसन कथोरे जो पिछले चार बार से विधायक हैं, मुरबाड विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार चुने गए। इससे पहले भी वह दो बार मुरबाड के पूर्व विधायक गोटीराम पवार को हरा चुके है। इसलिए अब बदलापुर शहर महाविकास आघाड़ी के स्थानीय कार्यकर्ता बदलापुर शहर से ही उम्मीदवार दिए जाने लिए पार्टी हाई कमान से निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।

मुरबाड विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने शैलेश वडनेरे के नाम का समर्थन करते हुए शिंदे गुट के सुभाष पवार का विरोध करना शुरू कर दिया है। इसलिए कुल मिलाकर तस्वीर यह दिख रही है कि चुनाव शुरू होने से पहले ही महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवारों का चयन करने के लिए वरिष्ठों को कड़ी मेहनत करनी होगी।

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