नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर जनमत संग्रह से ज्यादा कुछ नहीं हैं। उन्होंने कहा, 2015 और 2020 में जब प्रधानमंत्री की लोकप्रियता चरम पर थी, तब भी आप ने दिल्ली में निर्णायक जीत हासिल की थी।
एक तरफ कांग्रेस को दिल्ली में तीसरी बार शून्य पर सिमटना पड़ा है। इसके बावजूद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश यह कह रहे हैं कि 2030 में हम दिल्ली में सरकार बनाएंगे। यही वजह है कि इस पर 'दूर के ढोल सुहावने' वाली कहावत बिलकुल सटीक साबित हो रही है। इसे अगर दूर का ख़्वाब कहा जाए तो भी कुछ ग़लत नहीं होगा।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, "दिल्ली चुनाव के नतीजे प्रधानमंत्री की नीतियों पर मुहर नहीं हैं, बल्कि यह जनादेश अरविंद केजरीवाल की छल-कपट, धोखाधड़ी और उपलब्धियों के बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों की राजनीति को खारिज करता है। कांग्रेस पार्टी ने अरविंद केजरीवाल के शासन के दौरान हुए विभिन्न घोटालों को उजागर करने में बड़ी भूमिका निभाई। दिल्ली के मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी के बारह साल के कुशासन पर अपना फैसला सुनाया।"
उन्होंने कहा, "कांग्रेस को इस चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। हालांकि, पार्टी ने अपना वोट शेयर बढ़ाया है। कांग्रेस का चुनाव प्रचार शानदार रहा। पार्टी भले ही विधानसभा में जीत हासिल न कर पाई हो, लेकिन दिल्ली में उसकी मजबूत उपस्थिति है, जिसे लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के निरंतर प्रयासों से और मजबूत किया जाएगा। 2030 में दिल्ली में फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी।" दिल्ली चुनाव से संबंधित सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, "दिल्ली की जनता ने इस बार बदलाव के लिए वोट दिया है। दिल्लीवासी आप सरकार की कार्यशैली से तंग आ चुके थे।" आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवेश वर्मा ने 4,089 मतों से हराया है, जो सत्तारूढ़ पार्टी के लिए बड़ा झटका है। भाजपा 27 साल बाद फिर से दिल्ली में सरकार बनाने जा रही है।