आर्वी विधानसभा सीट (डिजाइन फोटो) 
विधानसभा चुनाव 2026

आर्वी विधानसभा सीट: कांग्रेस के तारणहार रहे हैं 'काले', बीजेपी और अन्य पार्टियों को पड़े हैं जीत के लाले

मानसून जाने को है और महाराष्ट्र में चुनावी मौसम आने को है। यहां फिलहाल तो औपचारिक तौर पर चुनावों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन सियासी फिजाओं में उमड़ रही धुंध 'महा' हलचल के संकेत दे रही है। सभी पार्टियां सभी सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए जद्दोजेहद कर रही हैं। लेकिन बीते पांच साल में महाराष्ट्र की सियासत में जो कुछ हुआ है उसको देखते हुए इस बार यहां उलटफेर होने के आसार साफ दिखाई दे रहे हैं।

अभिषेक सिंह

वर्धा: मानसून जाने को है और महाराष्ट्र में चुनावी मौसम आने को है। यहां फिलहाल तो औपचारिक तौर पर चुनावों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन सियासी फिजाओं में उमड़ रही धुंध 'महा' हलचल के संकेत दे रही है। सभी पार्टियां सभी सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए जद्दोजेहद कर रही हैं। लेकिन बीते पांच साल में महाराष्ट्र की सियासत में जो कुछ हुआ है उसको देखते हुए इस बार यहां उलटफेर होने के आसार साफ दिखाई दे रहे हैं।

महाराष्ट्र चुनाव में कौन सी शीट किसके पाले में जा सकती है? कहां के जातीय समीकरण किसके पक्ष में नज़र आ रहे हैं और किस विधानसभा सीट पर कब कब किस पार्टी का कब्जा रहा है इसकी सबसे सटीक जानकारी हम आप तक पहुंचा रहे हैं। इसी कड़ी में आज हम लेकर आए हैं आर्वी विधानसभा सीट के सारे समीकरण।

आर्वी विधानसभा सीट वर्धा जिले के अन्तर्गत आती है। 1972 चुनाव के समय अस्तित्व में आई इस सीट पर अब तक सबसे ज्यादा दबदबा कांग्रेस का देखने को मिला है। कांग्रेस ने कुल 6 बार इस सीट पर जीत दर्ज की है। इसके अलावा बीजेपी और निर्दलीय उम्मीदवार दो-दो बार विजयश्री हासिल करने में कामयाब हुए हैं। इसके अलावा साल 2004 से यहां पर हर रोटेशन चल रहा है। एक बार जनता कांग्रेस को जनादेश दे रही है तो दूसरी बार बीजेपी को।

क्या हैं जातीय समीकरण और मुद्दे?

आर्वी विधानसभा में अनुसूचित जाति मतदाताओं की संख्या लगभग 30,600 है तो वही अनुसूचित जनजाति मतदाताओं की संख्या भी लगभग 36,197 के करीब है। यहां 11,246 के करीब मुस्लिम वोटर्स भी है। इसके अलावा आर्वी में ग्रामीण मतदाताओं की संख्या लगभग 225,735 है, जो कि 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 86.31 फीसदी है। ऐसे में यहां नाली, सड़क, खड़ंजा, प्राथमिक चिकित्सा और शिक्षा जैसे मुद्दे चुनाव में हावी होते हैं।

जानिए आर्वी में कब रहा है किसका कब्जा

  • 2019 दादाराव यादवराव केचे, बीजेपी
  • 2014 अमर शरदराव काले, कांग्रेस
  • 2009 दादाराव यादवराव केचे, बीजेपी
  • 2004 अमर शरदराव काले, कांग्रेस
  • 1999 डॉ. शरदराव काले, कांग्रेस
  • 1995 डॉ. शरदराव काले, कांग्रेस कांग्रेस
  • 1990 डॉ. शरदराव काले, कांग्रेस
  • 1985 डॉ. शरदराव काले, आईसीएस
  • 1980 शिवचंद गोवर्धनदास चूड़ीवाला, कांग्रेस
  • 1978 शिवचंद गोवर्धनदास चूड़ीवाला, निर्दलीय
  • 1972 धैर्यशीलराव विनायकराव, निर्दलीय

2024 में क्या हैं संभावनाएं?

पिछले 4 चुनावी आंकड़ों के लिहाज से देखें तो यहां इस बार कांग्रेस की जीत की आसार दिख रहे हैं। लेकिन राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव के बाद से हुई सियासी हलचल में बहुत कुछ बदला हुआ नज़र आ रहा है। ऐसे में देखना अहम होगा कि यहां इस बार बीजेपी रिपीट करेगी या फिर पिछले 20 साल से चला आ रहा ट्रेंड बरकरार रहेगा।

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