मुंबई: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) महाराष्ट्र एकला चलो की रणनीति अपनाएगी। ओवैसी ने सोमवार को संभाजीनगर में घोषणा की कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। पार्टी ने ऐसा निर्णय महाविकास आघाड़ी से प्रतिसाद नहीं मिलने के बाद लिया है। इसी के साथ ओवैसी ने महाराष्ट्र में अपने पांच उम्मीदवार भी घोषित किए हैं, जिनमें संभाजी नगर से पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के अलावा मुंबई से फैयाज अहमद खान शामिल हैं।
एमआईएम पार्टी ने राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एमआईएम के 5 उम्मीदवारों की घोषणा की। ओवैसी ने एक बार फिर से भरोसा जताते हुए पार्टी के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील को छत्रपति संभाजीनगर से, तो वहीं सोलापुर विधानसभा क्षेत्र से फारूक शाब्दी, मालेगांव से मुफ्ती इस्माइल, धुले से फारूक शाह और मुंबई से फैयाज अहमद खान को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ बोर्ड का मुद्दा भी उठाया। इस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वक्फ की जमीन सरकारी नहीं बल्कि निजी जमीन है। मोदी सरकार इसे खत्म करने के लिए ये बिल ला रही है। QR कोड के जरिए इस बिल का विरोध करें।
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मोदी 200 साल पुराने दस्तावेज लाने को कह रहे हैं। मोदी कलेक्टर को ज्यादा अधिकार दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी मुसलमानों की जमीन छीन रहे हैं। वे एक कानून बना रहे हैं। लेकिन देश की सभी पार्टियों को सोचना चाहिए कि यह कानून वक्फ को बचाने के लिए नहीं है, बल्कि खत्म करने के लिए है। उन्होंने आगे कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास एक छलावा है। कई राज्यों में मुसलमानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।
ओवैसी की पार्टी ने इससे पहले महाविकास आघाड़ी में शामिल होने की इच्छा जताई। एमआईएम के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने शनिवार को ही कह दिया था कि पार्टी ने अपने ऑफर पर विचार करने के लिए एमवीए को 9 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। लेकिन अभी तक कोई प्रतिसाद नहीं मिला। ऐसे में 9 सितंबर के बाद हम अपनी रणनीति का खुलासा करेंगे।