Who is Narasimha Yadav : नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित उच्चस्तरीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर एआई एक्सपो हॉल के भीतर जबरदस्त प्रदर्शन किया। इस अंतरराष्ट्रीय गरिमा वाले कार्यक्रम में जब दुनिया भर के विशेषज्ञ भविष्य की तकनीक पर चर्चा कर रहे थे, तभी यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने अपनी टी-शर्ट उतार दी और अर्धनग्न होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए इस घटनाक्रम से समिट में मौजूद विदेशी डेलीगेट्स और मेहमान हक्के-बक्के रह गए।
यूथ कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक मोर्चा बताया। संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह प्रदर्शन एक कंप्रोमाइज्ड प्राइम मिनिस्टर के खिलाफ है, जिनकी नीतियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की पहचान और हितों को खतरे में डाल दिया है। इस विरोध की कमान मुख्य रूप से नरसिम्हा यादव के हाथों में थी, जो इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल को-ऑर्डिनेटर हैं। यह राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते हैं। नरसिम्हा की राहुल गांधी के साथ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नरसिम्हा यादव को हिरासत में ले लिया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी के दिग्गजों ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का यह प्रयास न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि अत्यंत शर्मनाक भी है। उन्होंने इस कृत्य की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे एक कुत्सित प्रयास करार दिया। उन्होंने कहा कि जब पीएम मोदी के नेतृत्व में देश तकनीक की नई ऊंचाइयों को छू रहा, तब कांग्रेस का युवा संगठन दुनिया के सामने भारत की छवि खराब करने पर तुला है।
समिट में हुए इस बवाल ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शनकारी पूरी योजना के साथ क्यूआर कोड के जरिए भीतर घुसे थे। फिलहाल तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच की जा रही कि आखिर इतने हाई-प्रोफाइल जोन में सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटना ने एआई समिट के गौरव को ठेस पहुंचाई है और इससे देश की वैश्विक साख पर बुरा असर पड़ा है।