अभिजीत दीपके, बरखा त्रेहन (Image- Social Media) 
दिल्ली

रेपिस्ट कुलदीप सेंगर का समर्थन कर चुकीं, अब दीपके पर फेंकी स्याही, कौन हैं बरखा त्रेहन?

Who is Barkha Trehan: जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने के बाद बरखा त्रेहन चर्चा में हैं। जानिए कौन हैं बरखा त्रेहन, उनका बैकग्राउंड और क्यों उनका नाम विवादों से जुड़ता रहा है।

अर्पित शुक्ला

 Abhijeet Deepke Ink Attack Barkha Trehan: जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद एक महिला चर्चा में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह महिला बरखा त्रेहन हैं। घटना के बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, पुलिस की ओर से उनकी पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कौन हैं बरखा त्रेहन?

सोशल मीडिया और सार्वजनिक प्रोफाइल के अनुसार, बरखा त्रेहन खुद को मेन्स राइट्स (पुरुष अधिकार) एक्टिविस्ट, इगैलिटेरियन, कॉन्स्टिट्यूशनलिस्ट और पुरुष आयोग की संस्थापक बताती हैं। वह लंबे समय से पुरुषों के अधिकारों और जेंडर-न्यूट्रल कानूनों की वकालत करती रही हैं।

उनकी सार्वजनिक प्रोफाइल के मुताबिक, वह समाज में महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए समान अधिकारों की पक्षधर होने का दावा करती हैं और कई सामाजिक व कानूनी मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं।

कुलदीप सेंगर मामले को लेकर भी रही हैं विवादों में

बरखा त्रेहन इससे पहले भी विवादों में रह चुकी हैं। पिछले वर्ष उन्होंने उन्नाव रेप मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत और सजा निलंबन से जुड़े मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की थी। उन्होंने उस समय कहा था कि अदालत के आदेश का सम्मान किया जाना चाहिए और ऐसे मामलों पर राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। इस बयान के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी। उस दौरान उनके हाथों में कुलदीप सेंगर के समर्थन से जुड़े पोस्टर भी देखे गए थे।

अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने के बाद क्या हुआ?

शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके मंच से संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला मंच के पास पहुंची और उन पर स्याही फेंक दी। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने महिला को पकड़ लिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। हिरासत में ले जाते समय महिला ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान उन्होंने "जय श्रीराम" के नारे भी लगाए।

घटना के बाद दीपके की प्रतिक्रिया

स्याही फेंके जाने के बावजूद अभिजीत दीपके ने शांत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नीला रंग उनका पसंदीदा रंग है और मंच से "जय भीम" का नारा लगाया। इसके बाद उन्होंने अपना अनशन जारी रखा।

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