Highlights:
त्योहार से पहले दिल्ली में हवा और पानी प्रदूषित
यमुना नदीं में निकला सफेद जहरीला झाग
कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी पर तैरता दिखा झाग
Delhi Yamuna River And AQI: दिवाली और छठ से पहले दिल्ली-एनसीआर की हवा और नदी दोनों पर्यावरणीय मार झेल रहा है। कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी पर जहरीला सफेद झाग फिर से दिखाई देने लगा है और पूरे क्षेत्र में वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। रिपोर्ट के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 168 तक पहुंच गया है। पीएम 2.5 और पीएम 10 प्रमुख प्रदूषक बने हुए हैं।
पीजीडीएवी कॉलेज, श्रीनिवासपुरी में रीडिंग लगभग 110 तक कम रही कि कई अन्य केंद्रों पर यह स्तर 118 से 180 से अधिक दर्ज किया गया। इस बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 21 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए जीआरएपी के चरण 1 को लागू किया।
जीआरएपी-1 के तहत, होटलों, रेस्तरां और खुले में स्थित भोजनालयों में तंदूरों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है, और डीजल जनरेटर का उपयोग केवल आवश्यक या आपातकालीन स्थितियों तक ही सीमित है। कालिंदी कुंज क्षेत्र से प्राप्त तस्वीरों में नदी की सतह पर जहरीले सफेद झाग की विशाल चादर तैरती हुई दिखाई दे रही है, जो नदी में लगातार बने प्रदूषण की समस्या को उजागर करती है।
दिल्ली सरकार ने हाल ही में यमुना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 9 हजार करोड़ रुपये की विशाल परियोजना का उद्घाटन किया था। खुद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा नदी को पुनर्जीवित करने के सरकारी प्रयासों की सराहना की। गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री गुप्ता ने नदी की सफाई के लिए प्रशासन की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह निवेश पिछले वर्ष शुरू की गई 9,000 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के बाद आया है, जिनका मुख्य लक्ष्य दिल्ली का बुनियादी ढांचा और यमुना का पुनरुद्धार करना है।
छठ पूजा से पहले यमुना नदीं में झाग की खबर छठ व्रतियों के लिए चिंता लेकर आई है। दिल्ली में पूर्वांचल के लाखों लोग रहते हैं। छठ पूजा के कुछ ही समय बचे हैं लेकिन इससे पहले यमुना में झाग निकलने की घटना बता रही है कि सरकार को अभी बहुत कुछ करना है।