नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी 34वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कई नेताओं ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। खरगे, राहुल गांधी और कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी के समाधि स्थल ‘वीर भूमि' पर जाकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘मैं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को आज उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।''
राहुल गांधी ने कहा कि वह अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करेंगे। उन्होंने अपने पिता के साथ की बचपन की एक तस्वीर ‘एक्स' पर साझा करते हुए पोस्ट किया, "पापा, आपकी यादें हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन करती हैं। आपके अधूरे सपनों को साकार करना ही मेरा संकल्प है - और मैं इन्हें पूरा करके रहूंगा।''
राजीव गांधी 1984 से 1989 तक अपनी पार्टी की बहुमत वाली सरकार का नेतृत्व करने वाले अंतिम कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे। वर्ष 1991 में आज ही के दिन तमिलनाडु के श्रीपेरुंबुदूर में चुनाव प्रचार के दौरान श्रीलंका के आतंकवादी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) ने उनकी हत्या कर दी थी। उनके बेटे राहुल गांधी वर्तमान में लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, "राजीव गांधी भारत के एक महान सपूत थे जिन्होंने लाखों भारतीयों में आशा जगाई। उनके दूरदर्शी और साहसी हस्तक्षेप भारत को 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में सहायक थे। इनमें मताधिकार की आयु घटाकर 18 वर्ष करना, पंचायती राज को मजबूत करना, दूरसंचार और आईटी क्रांति का नेतृत्व करना, कम्प्यूटरीकरण कार्यक्रम लागू करना, निरंतर शांति समझौते करना, एक सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करना और समावेशी शिक्षा पर केंद्रित एक नई शिक्षा नीति लाना शामिल हैं।''
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एक वीडियो साझा किया जिसमें वह कहते सुने जा सकते हैं कि उन्हें किडनी की बीमारी हो गई थी और जब राजीव गांधी को पता चला तो उन्हें संयुक्त राष्ट्र जाने वाले एक प्रतिनिधिमंडल में शामिल करके अमेरिका भेजा जहां उनका उपचार हुआ।
रमेश ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया कि "1950 के दशक से विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को हर अक्टूबर-नवंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधिमंडल में भेजा जाता था। नरेन्द्र मोदी ने 2014 से इस परंपरा को बंद कर दिया। लेकिन अब जब वह हताश हैं और विश्व स्तर पर उनकी छवि खराब हो गई है, तो उन्हें अचानक उन कठिन सवालों से ध्यान हटाने के लिए सांसदों के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के विभिन्न देशों का दौरा करने का ख्याल आया।"