Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार, 6 सितंबर को अचानक एक पांच मंजिला इमारत गिरने से 7 छात्रों की मौत हो गई, जबकि 8 छात्र गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक FIR दर्ज की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि, पुराने ढांचे की भार वहन क्षमता को लेकर चिंताओं के बावजूद उस पर अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया गया और अतिरिक्त निर्माण कार्य चल रहा था।
पुलिस की FIR के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 1 बजे हुई और पुलिस को दोपहर करीब 1.34 बजे सूचना मिली। फोन करने वाले ने अधिकारियों को सूचित किया कि पीजी के रूप में इस्तेमाल की जा रही एक इमारत ढह गई है और छात्र अंदर हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और पाया कि पूरी इमारत ढह गई है और मलबे के नीचे कई लोग फंस गए हैं।
स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर FIR में आगे आरोप लगाया गया कि इमारत कई साल पुरानी थी और इसके मालिक, जिनकी पहचान हरिराम बंसल और उनके भाई के तौर पर हुई है। उन्होंने कथित तौर पर किराए से कमाई के लिए ऊपर की चार मंजिलें बनवाई थी, जिससे कथित तौर पर इमारत की संरचना पर ज्यादा दबाव पड़ रहा था।
पुलिस ने आरोप लगाया कि मालिकों को पता होने के बावजूद निर्माण किया। उन्हें इस बात की पूरी जानकारी थी कि इमारत की नींव और अधिक वजन नहीं सह सकती है और इससे जान का खतरा हो सकता है।
दिल्ली पुलिस पहले ही इमारत गिरने के मामले में 7 सितंबर को आरोपी हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और उनके बेटे महेश को गिरफ्तार किया है। हरिराम हादसे के बाद फरार चल रहा था। दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया था और दिल्ली-गुरुग्राम में हरिराम के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। हालांकि तब उन्हें सफलता नहीं मिली।
पुलिस को शक था कि हरिराम गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भाग सकता है। इसे देखते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया, ताकि वह देश छोड़कर न भाग सके। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि हरिराम भिवाड़ी में छिपा हुआ है। पुलिस ने सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए हरिराम को गिरफ्तार कर लिया।
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम ने खुद घटनास्थल पर जाकर राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि बेसमेंट में पानी भरने के कारण पिलर कमजोर हो गए थे, जिसके कारण पूरी बिल्डिंग ढह गई। सत्य निकेतन के बाद ऐसा कोई दूसरा हादसा न हो इसके लिए इसके ठीक पीछे बनी इमारत को पूरी तरह खाली करा लिया गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि पीछे बनी बिल्डिंग को एहतियात के तौर पर गिराया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने इस मामले में MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है। लापरवाही बरतने पर सस्पेंड किए गए कर्मचारियों में साउथ जोन के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने इस हादसे के बाद शहर भर में PG और कोचिंग सेंटर्स की सघन सुरक्षा निरीक्षण के आदेश दिए हैं।