Delhi Police Illegal Foreign Nationals Arrested: दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन विस्टा’ के तहत भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 लोगों को हिरासत में लिया है। आउटर जिले की फॉरेनर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष सत्यापन अभियान के दौरान उन विदेशी नागरिकों की पहचान की, जिनके वीजा और यात्रा दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी थी।
पकड़े गए लोगों में 9 थाईलैंड, 4 नाइजीरिया, 3 बांग्लादेश, 1 युगांडा और 1 गिनी के नागरिक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी के खिलाफ विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) और आव्रजन अधिकारियों के सहयोग से डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह अभियान अवैध प्रवासियों की पहचान, आव्रजन कानूनों का सख्ती से पालन और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
विदेशी नागरिकों के सत्यापन और अवैध रूप से ठहरे लोगों का पता लगाने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया था। यह कार्रवाई आउटर जिले के फॉरेनर सेल द्वारा स्थानीय पुलिस थानों के सहयोग से की गई।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए विदेशी नागरिकों में 9 थाईलैंड के नागरिक, 4 नाइजीरियाई नागरिक, 3 बांग्लादेशी नागरिक, 1 युगांडा का नागरिक और 1 गिनी का नागरिक शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि अवैध रूप से भारत में रह रहे इन विदेशी नागरिकों के खिलाफ विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय और अन्य संबंधित आव्रजन अधिकारियों के सहयोग से निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आउटर जिले के फॉरेनर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर सुंदर सिंह के नेतृत्व में टीम को जिले में ऐसे विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन का कार्य सौंपा गया था। ऑपरेशन विस्टा के तहत पुलिस टीमें लगातार सत्यापन अभियान चला रही हैं, खुफिया जानकारी जुटा रही हैं और ऐसे लोगों की पहचान कर रही हैं जो बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, जिन विदेशी नागरिकों के दस्तावेज समाप्त हो चुके हैं या जो बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं, उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। अभियान का उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान करना, अनधिकृत रूप से रह रहे लोगों पर रोक लगाना और आव्रजन कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
इंस्पेक्टर सुंदर सिंह के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल उमेद, रविंदर और आशीष, कांस्टेबल रोहित और सुमेर तथा महिला कांस्टेबल रेणु की एक विशेष टीम गठित की गई थी। यह अभियान आउटर जिले के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में चलाया गया। एक विशेष सत्यापन अभियान के दौरान फॉरेनर सेल को सूचना मिली कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक वीजा समाप्त होने के बाद भी क्षेत्र में रह रहे हैं और वे जल्द ही दूसरी जगह जाने की योजना बना रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम पीरागढ़ी चौक और डीडीए पार्क के आसपास पहुंची और गोपनीय निगरानी शुरू की। पुलिस की मौजूदगी देखकर संदिग्ध व्यक्तियों ने वहां से निकलने की कोशिश की,
लेकिन पुलिस टीम ने उन्हें पकड़ लिया। इनकी पहचान शिहाब संजिद, मोहम्मद अरमान मियां और मेहदी हसन रब्बी के रूप में हुई, जो बांग्लादेश के निवासी हैं।
पुलिस की पूछताछ और दस्तावेज जांच के दौरान तीनों कोई वैध पहचान पत्र या यात्रा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। आगे की जांच में उनके पास से मिले पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त पाई गई,
जिससे भारत में उनका अवैध रूप से रहना प्रमाणित हुआ। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को हिरासत में ले लिया गया और उनके निर्वासन की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
एक अन्य सत्यापन अभियान में पश्चिम विहार ईस्ट थाना, निहाल विहार थाना और आउटर जिले के फॉरेनर सेल की टीमों ने क्षेत्र में रह रहे अन्य विदेशी नागरिकों की जांच की।
इस दौरान कुल 15 विदेशी नागरिकों को सत्यापन के लिए पकड़ा गया। इनमें 9 थाई नागरिक, 4 नाइजीरियाई नागरिक, 1 युगांडा का नागरिक और 1 गिनी का नागरिक शामिल थे।
दस्तावेजों की गहन जांच में पाया गया कि इनके पास मौजूद पासपोर्ट और वीजा की अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। पुलिस ने बताया कि भारत में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रुकने के आरोप में इनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित आव्रजन अधिकारियों और एफआरआरओ के साथ मिलकर कानून के अनुसार की जा रही है।