Delhi cleaner Anil Murder Case: पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी में 24 वर्षीय सफाई कर्मचारी अनिल की चाकू मारकर हत्या के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। शुक्रवार सुबह ब्लॉक-20 में अनिल कचरा उठा रहा था, तभी आरोपी ने कथित तौर पर उस पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अनिल की मौत हो गई, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और क्राइम टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा कई टीमें बनाई गई हैं। हत्या के विरोध में सफाई कर्मचारी लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के बाहर भी जमा हुए। मृतक के परिजनों ने आरोपी को गिरफ्तार कर फांसी देने और परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
पुलिस आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें बनाई गई हैं। वहीं, इस हत्या के विरोध में सफाई कर्मचारी लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के बाहर जमा हो गए।
मृतक अनिल के एक रिश्तेदार ने बताया, "वह लड़का इस सड़क पर कचरा इकट्ठा कर रहा था। वहां पुल्ला नामक एक लड़का घूम रहा था। वह चाकू दिखाकर लोगों से चीजें भी छीनता है। उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन में कई शिकायतें पहले से दर्ज हैं।
उसने मृतक को चाकू मारा क्योंकि उसने उसे पैसे नहीं दिए और उसकी मौत हो गई। उसे गिरफ्तार करके फांसी दी जानी चाहिए। परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए और माता-पिता को तभी शांति मिलेगी जब वह गिरफ्तार हो जाएगा।"
मौके पर पहुंचे त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रविकांत उज्जैनवाल ने कहा, "एक सफाई कर्मचारी, एक ऐसा भाई जो तब काम करता है जब पूरी दिल्ली सो रही होती है, ताकि शहर को जगाया जा सके। ये लोग सचमुच सेवा की भावना से काम करते हैं।
जहां भी कचरे का ढेर होता है, वे उसे साफ करते हैं। वहीं, जिस व्यक्ति ने इतनी बर्बरता और क्रूरता की है, उसकी पहचान कर ली गई है। पहचान होने के बाद, हम उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे। पुलिस-प्रशासन ने तुरंत स्थिति को संभाला।"
वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "कल्याणपुरी में एक सफाई कर्मचारी की खुलेआम हत्या कर दी गई। जरा सोचिए, क्या कल्याणपुरी अपराध की राजधानी बन गई है, पूरी दिल्ली में हत्याएं हो रही हैं।
एक सफाई कर्मचारी जो अपना काम करता है, उसके परिवार की हालत के बारे में सोचिए। जब वह कचरा उठाता है, तो ऐसा इसलिए नहीं होता कि उसे यह काम पसंद है। आर्थिक हालात के कारण, उसे कोई और नौकरी नहीं मिलती और इसलिए उसे कचरा उठाना पड़ता है। दिल्ली में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है।"