

AAP Protest School Girls Bicycle Scam: दिल्ली में छात्राओं को वितरित की जाने वाली साइकिलों की खरीद को लेकर आम आदमी पार्टी ने सोमवार को भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कथित साइकिल घोटाले के विरोध में आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी के विधायक साइकिल चलाकर दिल्ली विधानसभा पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
आप नेताओं का आरोप है कि दिल्ली सरकार ने करीब 1.30 लाख साइकिलें लगभग 6,957 रुपये प्रति साइकिल की दर से खरीदीं, जबकि आप ने इसी तरह की साइकिल बाजार से करीब 4,200 रुपये में खरीदने का दावा किया। पार्टी ने कीमत में अंतर को लेकर सरकारी खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए और करीब 90 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता का आरोप लगाया। आप नेताओं ने दावा किया कि उनके द्वारा खरीदी गई और छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों में समानता है।
दिल्ली में छात्राओं को बांटी जा रही साइकिलों की खरीद को लेकर आम आदमी पार्टी ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। आप दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी के कई विधायक साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने कथित साइकिल घोटाले को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की मांग की। आप नेताओं का कहना है कि छात्राओं के लिए खरीदी गई साइकिलों की कीमत और बाजार में उपलब्ध समान साइकिलों की कीमत में बड़ा अंतर है।
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने स्कूली छात्राओं को वितरित करने के लिए करीब 1.30 लाख साइकिलें खरीदी हैं। उनके मुताबिक, सरकारी खरीद में प्रत्येक साइकिल के लिए 6,957 रुपये का भुगतान किया गया।
वहीं, आप नेताओं ने दावा किया कि उन्होंने बाजार से इसी तरह की साइकिल करीब 4,200 रुपये में खरीदी है। पार्टी का कहना है कि दोनों साइकिलों को विधानसभा में आमने-सामने रखकर उनकी कीमत और मॉडल की तुलना की जा सकती है।
आप नेताओं ने साइकिलों की खरीद में करीब 90 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि यदि प्रति साइकिल लगभग 3,000 रुपये का अंतर माना जाए तो 1.30 लाख साइकिलों की खरीद में यह अंतर बड़ी रकम में बदल जाता है।
हालांकि, यह आंकड़ा आप नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप और उनके दावे पर आधारित है। मामले में सरकार की ओर से खरीद प्रक्रिया और कीमत को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि आप ने बाजार से जो साइकिल खरीदी है, उस पर ‘बोनफायर’ मॉडल लिखा हुआ है, जबकि सरकार की ओर से छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिल पर ‘स्काइलर’ नाम अंकित है।
आप नेता का दावा है कि मॉडल के नाम में अंतर के बावजूद दोनों साइकिलों की बनावट और अन्य विशेषताएं समान हैं। उन्होंने सरकार से इन साइकिलों को सार्वजनिक रूप से आमने-सामने रखकर तुलना कराने की मांग की।
बुराड़ी से आप विधायक संजीव झा ने भी खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बाजार में करीब 4,000 से 4,200 रुपये में उपलब्ध साइकिल के लिए टेंडर में करीब 7,000 रुपये की कीमत दिखाई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में हीरो साइकिल कंपनी शामिल हुई थी, लेकिन उसे ठेका नहीं मिला और एक व्यापारी को ठेका दिया गया। आप विधायक ने कहा कि यदि कोई व्यापारी निर्माता कंपनी से कम कीमत पर साइकिल उपलब्ध करा रहा था, तो पूरी खरीद प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए।
कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि जब बाजार में समान साइकिल करीब 4,200 रुपये में उपलब्ध थी तो सरकारी खरीद में प्रति साइकिल 6,957 रुपये क्यों खर्च किए गए।
उन्होंने कीमत में कथित अंतर को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि अतिरिक्त राशि आखिर कहां गई। उन्होंने कहा कि सरकार को विधानसभा में खरीद से संबंधित सभी दस्तावेज और भुगतान का विवरण सामने रखना चाहिए।
‘आप’ नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में दवा, अस्पताल के बेड, बेडशीट, चावल और अन्य खरीद में भी कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं
और अब छात्राओं को मिलने वाली साइकिलों की खरीद पर भी सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने विधानसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने और सरकार से खरीद प्रक्रिया, टेंडर, कीमत तथा भुगतान से संबंधित पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।