Delhi Building Collapsed: दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच रविवार को बड़ा हादसा सामने आया है। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, हादसा मोती बाग के सत्य निकेतन इलाके में शिव मंदिर के पास हुआ। इमारत के अचानक गिरने की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया था। अब 27 घंचे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म कर दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि मलबे में अब किसी के फंसे होने की आशंका नहीं है। सभी एजेंसियों ने मिलकर पूरे क्षेत्र की जांच कर ली है। घटना को लेकर जांच शुरू कर दी गई है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एमसीडी ने पहले ही इस मामले में 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। साउथ वेस्ट दिल्ली में हुए इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब 1:34 बजे पुलिस स्टेशन साउथ कैंपस में नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक इमारत गिरने की सूचना पीसीआर कॉल के जरिए मिली। स्थानीय पुलिसकर्मी, दमकलकर्मी, कैट एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं मौके पर मौजूद हैं।
पुलिस अधिकारीने यह भी बताया कि एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच चुकी है और बचाव एवं राहत कार्य जारी है। फिलहाल फंसे हुए और घायल लोगों की सही संख्या ज्ञात नहीं है और अब तक 2 लोगों को बचाया जा चुका है।
सत्य निकेतन इलाके में एक हॉस्टल की इमारत के गिरने के बाद अब मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है। मौके पर जेसीबी के साथ-साथ दमकल की भी 12 गाड़िया मौके पर मौजूद हैं। अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर NDMC के वाइस-चेयरपर्सन कुलजीत सिंह चहल ने कहा, “…ऐसा लगता है कि मौजूदा इमारत में बेसमेंट बनाने का काम चल रहा था। यह बहुत दुखद घटना है। मैंने स्थानीय विधायक अनिल शर्मा से बात की, जो अभी मौके पर मौजूद हैं। MCD की पूरी टीम बचाव कार्य में लगी हुई है। दिल्ली सरकार और MCD हर ज़रूरी मदद दे रहे हैं। हम ईश्वर से अंदर फंसे सभी लोगों की सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं और सरकार यह पक्का करेगी कि जो भी इसके लिए ज़िम्मेदार पाए जाएं, उनके ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई हो।”
हॉस्टल ढहने के बाद दिल्ली पुलिस केस दर्ज कर रही है। पुलिस पीजी के मालिक आनंद बंसल को खोज रही है। जानकारी के मुताबिक, इस इमारत को एक साल पहले ही खाली करा दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद बिल्डिंग को दोबारा खोल कर पीजी शुरू कर दिया गया।
दिल्ली इमारत हादसे में एक शख्स की मौत हो गई है. वहीं 3 छात्रों की हालत गंभीर है।
इस हादसे की सूचना मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपना कार्यक्रम बीच में ही रुकवा दिया। दरअसल, अमित शाह गोवा में बीजेपी के नए कार्यालय के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। इस दौरान दिल्ली में इमारत गिरने की सूचना मिलने पर उन्होंने अपने कार्यक्रम को बीच में ही रुकवा दिया।
सत्या निकेतन में बिल्डिंग गिरने के हादसे के बाद चार मरीजों को जेपीएनए ट्रॉमा सेंटर (JPNATC), AIIMS लाया गया। खबरों के मुताबिक, इनमें से दो मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल के अनुसार, घायलों में से एक व्यक्ति रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल था, जिसे इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। वहीं, एक व्यक्ति को अस्पताल लाए जाने पर मृत घोषित किया गया।
हादसे के बीच एक छात्र का वीडियो सामने आया है, जिसने कथित तौर पर मलबे के अंदर से वीडियो बनाकर मदद की गुहार लगाई। वीडियो में छात्र का शरीर मलबे में दबा दिखाई दे रहा है और उसके चेहरे पर खून भी नजर आ रहा है। उसके चेहरे के पास थोड़ी जगह दिखाई दे रही है।
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत के ढहने से बहुत दुख हुआ है। मैंने मुख्यमंत्री, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और NDRF के डायरेक्टर जनरल से बात की और ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया। स्थानीय प्रशासन और NDRF मिलकर तेज़ी से बचाव कार्य कर रहे हैं। घायलों को हर ज़रूरी मेडिकल मदद दी जा रही है. मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।
सत्य निकेतन हादसे पर दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर हमला बोला है। केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, सत्य निकेतन, दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए। दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं. सरकार को नींद से जागना होगा। बड़े स्तर पर एक्शन लेकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है।
दिल्ली पुलिस ने बताया, "स्थानीय पूछताछ से पता चला कि यह 40-50 साल पुरानी इमारत थी जिसमें एक बेसमेंट और 5 ऊपरी मंज़िलें थीं और इसका इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था। घटना के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। अब तक 6 लोगों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है। खोज और बचाव अभियान जारी है।"
हादसे की जगह पर दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू पहुंच चुके हैं। इससे पहले सीएम रेखा गुप्ता में घटनास्थल पर पहुंची थीं।
दिल्ली बिल्डिंग हादसे में एक और छात्र की मौत हो गई है। मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के कारण राहत और बचाव कार्य को देखते हुए प्रभावित इलाके के आसपास यातायात को नियंत्रित या डायवर्ट किया गया है। जिससे घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहचाने में आसानी हो। यह जानकारी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से दी गई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अब तक नौ लोगों को बचाया गया है, जिनमें से तीन की मौत हो गई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एक पोस्ट में कहा गया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दुःख है। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। अधिकारी घटनास्थल पर काम कर रहे हैं और हादसे से प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से बात कर रही हैं। वह यहां सत्य निकेतन में गिरी इमारत से बचाए गए और इलाज के लिए लाए गए लोगों से मिलने आई हैं।
उपराष्ट्रपति ने हादसे पर- दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुखद घटना से बहुत दुखी हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।
इलाके में बिजली काट दी गई है। जनरेटर से हैलोजन लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जिस इमारत में हादसा हुआ है उसमें हॉस्टल चल रहा था। ये इमारत साल भर पहले खाली कराई गई थी। बावजूद इसके हॉस्टल और पीजी चलाया जा रहा था।
सत्य निकेतन मामले में दिल्ली पुलिस ने हॉस्टल मालिक आनंद बंसल के भाई हरिराम बंसल के खिलाफ साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में मामला दर्ज किया है। बिल्डिंग हादसे में गैर इरादतन हत्या और लापरवाही समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज हुआ है।
केस में कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार यह इमारत पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी।
हादसे के समय ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था, जिसके चलते इमारत गिर गई. आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। अब तक कुल 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने के बाद युद्ध स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अब तक छह लोगों की मौत हो गई है।
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद, रात में चलाए गए बचाव अभियान के दौरान एक और व्यक्ति को निकाला गया, लेकिन अस्पताल लाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। कुल 11 लोगों को बचाया गया है, जबकि छह लोगों की मौत हो गई है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि लापता लोगों का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं।
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से छह लोगों की मौत के बाद, युद्ध स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। NDRF के कुत्तों की मदद से मलबे में लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा है और संभावित जगहों की जांच की जा रही है।
दिल्ली AIIMS ने मरीजों के हेल्थ अपडेट दिया और बताया कि सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से घायल हुए 11 मरीजो को JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (AIIMS) लाया गया। इन 11 मरीजों में से 5 को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि गंभीर हालत वाले एक मरीज की बाद में चोटों के कारण मौत हो गई। तीन मरीजों को भर्ती किया गया है और उनका इलाज चल रहा है। एक मरीज के अंग की सर्जरी की गई। एक मरीज को मामूली चोट आई थी और निगरानी के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, लगभग 80% मलबा हटा दिया गया है। सिर्फ बेसमेंट का मलबा बचा है। यह बहुत पुरानी इमारत थी। बेसमेंट में पानी भरने से इसके पिलर कमजोर हो गए, जिससे पूरी इमारत गिर गई। इस मामले में कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है और इमारत के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा।
दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर एलजी तरुनजीत सिंह ने आपात बैठक बुलाई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि सत्य निकेतन मार्केट, साउथ कैंपस में बिल्डिंग गिरने के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। इमरजेंसी टीमें मौके पर काम कर रही हैं। इस वजह से ट्रैफिक प्रभावित है। पुलिस के मुताबिक, सफदरजंग अस्पताल से धौला कुआं, आरटीआर और बेनिटो जुआरेज मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर ट्रैफिक की आवाजाही प्रभावित है। यदि संभव हो तो इन रास्तों से बचें और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। साथ ही हादसे वाली जगह के पास वाहन न रोकें, पार्क न करें और भीड़ न लगाएं, ताकि एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहनों के लिए रास्ता साफ रहे।
दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा न्यायिक विचार के लिए दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को एक वकील ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने सत्य निकेतन में इमारत गिरने का मामला उठाया और घटना की गंभीरता को देखते हुए इस पर तुरंत सुनवाई की मांग की। चीफ जस्टिस आज ही इस मामले की सुनवाई करने के लिए सहमत हो गए।
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया।
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, अब तक कुल 12 लोगों को बचाया गया है।
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद, दिल्ली सरकार ने MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी इमारत के मालिक हरिराम बंसल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि हरिराम गुप्ता को भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया है।
सत्य निकेतन इमारत ढहने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई हो रही है। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील रखी कि हर कुछ महीनों के अंतराल पर ऐसी घटनाएं होती हैं जहां निर्दोष छात्र अपनी जान गंवा देते हैं और कभी आग लगती है, कभी पानी भरता है तो कभी इमारत ढह जाती है। इसमें दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी को कुछ करना चाहिए। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय, एमसीडी, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और एमसीडी की ओर से पेश हो रहे हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी को निर्देश दिया है कि एक हफ्ते के भीतर वो दिल्ली के सभी PG और हॉस्टल की सेफ्टी ऑडिट करे।
राहुल गांधी ने सोमवार को X पर लिखा कि हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न - हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाजी होती है, कुछ छोटे अफसरों पर जिम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं। उन्होंने कहा कि 12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की।
सत्य निकेतन इमारत हादसा मामले में दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि मलबे में अब किसी के फंसे होने की आशंका नहीं है। सभी एजेंसियों ने मिलकर पूरे क्षेत्र की जांच कर ली है। घटना को लेकर जांच शुरू कर दी गई है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एमसीडी ने पहले ही इस मामले में 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में दिल्ली पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों- हरिराम, उसकी पत्नी उर्मिला और उनके बेटे महेश को आरके पुरम पुलिस स्टेशन लेकर आई। पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग का बिजली कनेक्शन हरिराम के नाम पर था, जबकि महेश इसका मैनेजमेंट देख रहा था। जबकि प्रॉपर्टी हरिराम की पत्नी उर्मिला के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर सात मांगें रखी हैं।
1. मालिक की ही नहीं, बल्कि नेताओं और दूसरे लोगों के बीच संबंधों की भी स्वतंत्र रूप से आपराधिक जांच हो. बड़े स्तर पर चल रहे पीजी माफ़िया की भी जांच की जाए.
2. सरकार तुरंत इमारतों की स्ट्रक्चरल ऑडिट शुरू करे. ख़ास तौर पर स्कूलों, कॉलेजों और छात्रों के रहने की जगहों की जांच तय समय के अंदर की जाए. स्टूडेंट्स के रहने का इंतज़ाम किया जाए और नियमों को लागू किया जाए. अवैध निर्माणों को सील किया जाए और उनके मालिकों पर जुर्माना लगाया जाए.
3. जून 2026 की हौज़ रानी घटना के बाद बनाई गई 13 ज़िला समितियों की सभी रिपोर्ट 48 घंटे के अंदर सार्वजनिक की जाए.
4. ऐसा पब्लिक डेटाबेस हो जिसमें यह देखा जा सके कि हर हॉस्टल या संस्थान सुरक्षित है या नहीं.
5. सरकार को डीयू और दूसरे स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल बनाने चाहिए. पूरे डीयू में सिर्फ़ 7000 स्टूडेंट्स के रहने की जगह है, जबकि स्टूडेंट लाखों में हैं.
6. मरने वालों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये और घायल लोगों को 20 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए.
7. मंत्रियों की जवाबदेही तय की जाए. दिल्ली के शहरी विकास, प्लानिंग और शिक्षा मंत्री आशीष सूद से पूछा जाए कि उनकी देखरेख में 13 ज़िला कमेटियों का काम क्यों बंद कर दिया गया?