कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (सोर्स- सोशल मीडिया)
दिल्ली

पहले व्यापार, फिर राजनीति... दिल्ली के कारोबारियों ने राहुल गांधी के सामने रखी रैली टालने की शर्त; जानें वजह

CTI Wrote to Rahul Gandhi: दिल्ली के व्यापारियों ने राहुल गांधी से 1 नवंबर की रैली टालने की अपील की, त्योहारों के दौरान कारोबार पर पड़ सकता है बुरा असर। जानें पूरी खबर।

मनोज आर्या

Highlights:

  • चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने शनिवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एक पत्र लिखा है

  • CTI ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में पार्टी की होने वाली रैली को टालने की मांग की है

  • व्यापारी संगठन ने कहा है कि त्योहारों में रैली की वजह से कारोबार पर बुरा असर होगा

CTI Wrote Rahul Gandhi: चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने शनिवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में सीटीआई ने पार्टी की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली को 10 नवंबर के बाद तक टालने अनुरोध किया है। व्यापारी संगठन ने अपने पत्र में कहा है कि त्योहारी सीजन में राजनीति रैली की वजह से दिल्ली में होने वाले कारोबार पर काफी बुरा असर होगा।

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने अपने पत्र में कहा कि रैली को भाई दूज के बाद किसी तारीख पर रीशेड्यूल किया जाए, जो इस साल 10 नवंबर को है। सीटीआई ने इस बात पर जोर दिया कि धनतेरस, दिवाली और भाई दूज दिल्ली के खुदरा बाजार के लिए सबसे व्यस्त समय में से एक हैं, क्योंकि व्यापारी त्योहारों की खरीदारी और बिक्री काफी पहले से शुरू कर देते हैं।

धनतेरस पर दिल्ली में कितने का कारोबार?

सीटीआई द्वारा लिखे गए पत्र के मुताबिक, धनतेरस 6 नवंबर को, दिवाली 8 नवंबर को और भाई दूज 10 नवंबर को है। संगठन का अनुमान है कि अकेले धनतेरस पर दिल्ली में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है, जिसमें सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, ड्राई फ्रूट्स, मिठाई, ऑटोमोबाइल, फर्नीचर और दूसरे सामान जैसे सेक्टर शामिल हैं।

संगठन ने अक्टूबर में कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और सेंट्रल दिल्ली के आसपास सड़कें बंद होने और रास्ते बदलने की वजह से व्यापारियों को हुए नुकसान का भी जिक्र किया। पत्र में दावा किया गया कि इस रुकावट की वजह से व्यापारियों को पहले ही लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

रामलीला मैदान के आसपास 20 बड़े बाजार

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने आगे बताया कि रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में 20 बड़े होलसेल और खुदरा बाजार हैं। इनमें चांदनी चौक, सदर बाज़ार, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, दरीबा कलां, कश्मीरी गेट, नई सड़क, मोरी गेट, तिलक बाजार, दरियागंज, जामा मस्जिद, चावड़ी बाजार, करोल बाग, नबी करीम, आजाद मार्केट और लाजपत राय मार्केट शामिल हैं।

पत्र में कहा गया है कि रैली के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन, मेट्रो स्टेशन बंद होने और बैरिकेडिंग से इन मार्केट में बिजनेस एक्टिविटी में रुकावट आ सकती है और दिल्ली के बाहर से आने वाले व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी हो सकती है।

कारोबारी समुदाय की राहुल गांधी से अपील

सीटीआई ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की रामलीला मैदान से नजदीकी पर भी ध्यान दिलाया, और कहा कि रैली के दौरान पाबंदियों और भीड़भाड़ से त्योहारों की खरीदारी के लिए शहर में आने वाले ग्राहकों को मुश्किल हो सकती है।

राजनीतिक पार्टियों के रैलियां और पब्लिक मीटिंग करने के अधिकार को मानते हुए, ट्रेडर्स बॉडी ने राहुल गांधी से दिल्ली के कारोबारी समुदाय के हितों पर विचार करने और कार्यक्रम को आगे के लिए टालने की अपील की।

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