CJP Protest at Jantar-Mantar: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच गुरुवार की देर रात अचानक काफी तेज ढ़ोल-नगाड़े बजने शुरू हो गए। इसके बाद सीजेपी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे युवा छात्र जमकर डांस करते नजर आए। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म करने पर प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिसके बाद वे आधी रात को जंतर-मंतर पर अपनी खुशी का इजहार करते हुए ढ़ोल के धुन पर डांस करते हुए नजर आए। इससे पहले गुरुवार की देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद उनका अनशन तुड़वाया।
वांगचुक ने आधी रात के बाद एक पोस्ट में कहा कि अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह लद्दाख की एपेक्स बॉडी के सीनियर नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिन बाद अपना भूख हड़ताल तोड़ा। उन्होंने कहा कि उनका यह फैसला अलग-अलग शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए लिया गया। उन्होंने कहा कि वे एक डिटेल्ड वीडियो में बताएंगे कि किन शर्तों पर उन्होंने अपना अनशन तोड़ा। वांगचुक ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की हिंसा न होने देने को भी कहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हमें राहत है और हम आभारी हैं कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
यह भी पढ़ें: पेपर लीक पर आर-पार के मूड में केंद्र सरकार! देर रात PM मोदी का ऐलान, आज कैबिनेट में पेश होगा नया मसौदा- VIDEO
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि थोड़ी देर पहले सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है। स्पष्ट है कि यह निर्णय मोदी सरकार पर भरोसा दिखाता है। सोनम वांगचुक का अनशन तोड़ना मोदी सरकार के उठाए जा रहे कड़े कदमों पर भी अपनी मुहर लगाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो बनाया। उन्होंने कहा कि हमने 2024 में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाए थे, लेकिन इस सत्र में हम और भी कड़ा कानून बनाने के लिए एक बिल ला रहे हैं। सोनम वांगचुक का इसके बाद अनशन तोड़ना मोदी सरकार की संवेदनशीलता, छात्र हित और जवाबदेही पर भरोसे की मुहर लगाता है।