दिल्ली बीजेपी युवा सम्मेलन सोशल मीडिया
दिल्ली

BJP का Mission Gen-Z, जंतर-मंतर के आंदोलन के बाद युवाओं को साधने की बड़ी तैयारी, जानें क्या है पूरा प्लान?

Delhi BJP Mission Gen Z : पेपर लीक आंदोलन के बाद बीजेपी ने Gen-Z को साधने के लिए दिल्ली में सम्मेलन शुरू किया है। तुगलकाबाद से हुई इस शुरुआत का मकसद युवाओं का भरोसा जीतना है।

अनन्या तिवारी

Young Voters Political Strategy In Delhi Elections: दिल्ली की सियासत में इन दिनों 'Gen-Z' यानी 1996 से 2012 के बीच पैदा हुए युवाओं को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। हाल ही में पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी थीं जिसका असर केंद्रीय कैबिनेट तक देखने को मिला। अब बीजेपी ने इस युवा वर्ग की नाराजगी को दूर करने और उन्हें अपने पाले में लाने के लिए एक बड़ा रणनीतिक दांव खेला है। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने दिल्ली में 'Gen-Z सम्मेलन' की शुरुआत कर दी है।

दिल्ली के तुगलकाबाद से मिशन का आगाज

बीजेपी युवा मोर्चा ने रविवार को दक्षिण दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित डीडीए ग्राउंड में इस भव्य सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद थे, जबकि मुख्य वक्ता के तौर पर पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने शिरकत की। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और उन्हें पार्टी की विचारधारा से जोड़ना है।

आखिर क्यों पड़ी 'Gen-Z' को साधने की जरूरत?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जंतर-मंतर पर हुए हालिया पेपर लीक आंदोलन ने बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बजा दी थी। इस आंदोलन के दबाव के चलते ही धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा तक देना पड़ा था। दिलचस्प बात यह है कि इस आंदोलन में न केवल आम छात्र, बल्कि कई बीजेपी नेताओं के बच्चे भी शामिल हुए थे, जो पार्टी के लिए चिंता का बड़ा सबब बन गया। बीजेपी जानती है कि उसकी जीत में युवा वोटर्स की भूमिका सबसे अहम रही है, लेकिन 12 साल बाद अब इस पीढ़ी में कुछ नाराजगी देखी जा रही है।

'गुमराह' करने की राजनीति बनाम 'कठोर कानून' का संदेश

सम्मेलन के दौरान शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने छात्रों को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान युवाओं को प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने के लिए उकसाया गया। सूद ने जोर देकर कहा कि पेपर लीक जैसी समस्याओं के समाधान के लिए मोदी सरकार ने संसद में नया Anti-Paper Leak कानून पारित कर दिया है, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है। उन्होंने संदेश दिया कि ऐसी व्यवस्था केवल मोदी सरकार में ही संभव थी।

परंपरागत रैलियों से हटकर 'मॉडर्न आउटरीच' पर फोकस

बीजेपी अब समझ चुकी है कि आधुनिक पीढ़ी को केवल रैलियों और पुराने भाषणों से नहीं लुभाया जा सकता। इसीलिए 'Gen-Z सम्मेलन' के जरिए युवाओं को डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप कल्चर, अंतरिक्ष और खेलकूद के क्षेत्र में मिल रही सफलताओं के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। पार्टी खासकर कॉलेज जाने वाली छात्राओं के साथ सीधा संवाद कर रही है। उन्हें समझाया जा रहा है कि अपनी आवाज उठाना उनका हक है, लेकिन इसके लिए उन्हें मर्यादा और शांतिपूर्ण तरीकों का पालन करना चाहिए।

आगामी चुनावों के लिए 'किंगमेकर' की तलाश

दिल्ली की राजनीति में मध्यम वर्ग और युवा मतदाता हमेशा से किंगमेकर रहे हैं। बीजेपी का यह 'मॉडर्न आउटरीच प्रोग्राम' राजधानी के युवाओं और छात्राओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिला सुरक्षा, उच्च शिक्षण संस्थानों में सुविधाओं और स्किल डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर फोकस किया जा रहा है। साफ है कि बीजेपी आगामी चुनावों से पहले वैचारिक मोर्चे पर किसी भी तरह की ढील नहीं छोड़ना चाहती और 'Gen-Z' को अपना सबसे मजबूत स्तंभ बनाने की तैयारी में है।

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