बांग्लादेशी उच्चायोग जा रहे BJP नेता को पुलिस ने हिरासत में लिया(Image- Social Media) 
दिल्ली

'कट्टरपंथी ताकतें...हिंदुस्तान बर्दाश्त नहीं करेगा', बांग्लादेशी उच्चायोग जा रहे BJP नेता को पुलिस ने हिरासत में लिया

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और अन्य नेताओं को चाणक्यपुरी पुलिस ने हिरासत में लिया। वे बांग्लादेश में रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर पर कथित हमले के विरोध में बांग्लादेशी उच्चायोग की ओर मार्च कर रहे थे।

अर्पित शुक्ला

नई दिल्ली: बांग्लादेश में रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर पर हुए हमले के विरोध में बांग्लादेशी उच्चायोग जा रहे दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। भारी हंगामे के बीच पुलिस ने उनके साथ पार्टी कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया है। इससे पहले मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धेय गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर के पैतृक स्थान पर जिस तरीके से बांग्लादेश में हमला हो रहा है, उसकी हम निंदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि यह पूरी बंगाली संस्कृति पर हमला है, पूरी हिंदू संस्कृति पर हमला है। इन हमलों को जो कट्टरपंथी ताकतें हवा दे रही हैं, आज हम बांग्लादेश दूतावास जाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम उन्हें ज्ञापन दे रहे हैं कि इस तरह की हरकतों को हिंदुस्तान बर्दाश्त नहीं करेगा।

‘कट्टरपंथी ताकतें वहां सिर उठा रहीं’

बीजेपी नेता ने कहा कि अगर कट्टरपंथी ताकतें वहां पर सिर उठा रही हैं और उनको छूट दी जा रही है तो बांग्लादेश सरकार को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी सीधी मांग है कि ऐसी कट्टरपंथी ताकतें जो सीधे इस तरह की घिनौनी हरकतें कर रही हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

पैतृक घर पर हमला

बता दें कि, बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर पर तोड़फोड़ के मामले में पांच लोगों को अरेस्ट किया गया है। ढाका के अधिकारियों ने बाद में साफ किया कि कवि से संबंधित कोई भी अवशेष क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार,रवींद्र कुठीबाड़ी या रवींद्र स्मारक संग्रहालय,जो रविवार को तोड़फोड़ के बाद बंद कर दिया गया था,उसे 13 जून से आगंतुकों के लिए फिर से खोल दिया गया।

बता दें कि कुठीबाड़ी टैगोर परिवार का पैतृक घर तथा राजस्व कार्यालय है,जो सिराजगंज जिले में स्थित है। इस घर को रवींद्रनाथ के दादा द्वारकानाथ टैगोर ने 1840 में खरीदा था और ये स्थान नोबेल विजेता का पसंदीदा आश्रय स्थल था,जहां उन्होंने अपनी कई प्रसिद्ध साहित्यिक कृतियां लिखीं।

UN ने BRICS को बताया अहम मंच, वित्तीय संस्थानों में सुधार पर दिया जोर, आतंकवाद पर दोहरा मापदंड न रखने की अपील

BRICS Summit: ग्लोबल गवर्नेंस में बदलाव की मांग, UNSC में सुधार के प्रस्ताव पर मिला संयुक्त राष्ट्र का समर्थन

Hindi Diwas: जब गैर-हिंदी भाषी देशभक्तों ने उठाई आवाज, सत्यार्थ प्रकाश से लेकर आजाद हिंद फौज तक हिंदी का सफर

आरबीआई के सामने नहीं टिकी TATA Sons की दलीलें, जल्द स्टॉक मार्केट में होना होगा शामिल

Weather Alert: गुजरात में भारी बारिश का रेड अलर्ट, मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बरसेंगे बादल