नई दिल्ली: भाजपा की दिल्ली ईकाई ने शुक्रवार को राेहिणी स्थित आशा किरण शेल्टर होम में लड़कियों की मौत के मामले में दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने कहा कि दिल्ली सरकार की लापरवाही के कारण ये मौतें हो रही है और केजरीवाल सरकार इस मामले को दबाना चाहती है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने रोहिणी स्थित आशा किरण शेल्टर होम में लड़कियों की मौत के मामले में दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की और शेल्टर होम में ‘‘अनियमितता और लापरवाही'' का आरोप लगाया। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने रोहिणी स्थित आशा किरण आश्रय गृह में मौतों के लिए आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया और दिल्ली की मंत्री आतिशी से घटना की जिम्मेदारी लेने की मांग की।
भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता और अन्य पार्टी नेताओं ने शेल्टर होम का दौरा करने की कोशिश की और जब उनके लिए आश्रय गृह के द्वार नहीं खोले गए, तो उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। गुप्ता ने आरोप लगाया कि यहां पूरी तरह अव्यवस्था है। कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है और यहां रखे गए बच्चों की उचित देखभाल नहीं हो रही है। कई बच्चे कुपोषण से पीड़ित हैं।
विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली सरकार पर आरापे लगाते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मामला उजागर होने के बाद अब जांच की बात कर रही है। 20 दिनों में एक नाबालिग समेत 13 लोगों की मौत कोई सामान्य बात नहीं है। इन मौतों के पीछे की वजह सरकार की लापरवाही है। वे घटना को दबाने की कोशिश कर रहे हैं और जवाब देने से इंकार कर रहे हैं।
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि आशा किरण शेल्टर होम को वंचितों और शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों का खयाल रखना है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और चूक की वजह से मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि हमने आशा किरण के प्रबंधन से मौतों के बारे में बात करने की कोशिश की, लेकिन शेल्टर होम का दरवाजा तक नहीं खोला गया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता यहां हैं और मौतों के बारे में सही स्पष्टीकरण हासिल किए बिना वापस नहीं जाएंगे।
बता दें कि आशा किरण शेल्टर होम समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत है। राज कुमार आनंद के इस्तीफे के बाद से विभाग फिलहाल बिना किसी प्रमुख के है। इस बीच, एनसीडब्ल्यू ने शेल्टर होम का दौरा करने के लिए एक टीम तैनात की। शेल्टर होम के दौरे के बाद एनसीडब्ल्यू प्रमुख रेखा शर्मा ने पत्रकार वार्ता कर घटना के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि सवाल यह है कि यह किसकी लापरवाही है? यह आप सरकार की आपराधिक लापरवाही है, क्योंकि इस शेल्टर होम को चलाना उनका काम है। करोड़ों रुपए कहां जाते हैं? इसका मतलब है कि भ्रष्टाचार के साथ-साथ आपराधिक लापरवाही भी है, जिसके कारण 27 लोगों की जान चली गई। पिछले कुछ महीनों में यहां 27 मौतें हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि केवल जुलाई माह में 14 मौतें हुई है। दिल्ली में पहले पानी में डूबकर, करंट की वजह से लोगों की जान गई और अब दिल्ली को केजरीवाल सरकार ने मौत का शेल्टर होम दिया है।
उन्होंने कहा कि इसका कारण गंदा पानी, संक्रमण, टीबी और निमोनिया लग रहा है मीडिया में ऐसी कई खबरें चल रही हैं। सवाल यह है कि यह किसकी लापरवाही है? यह आप सरकार की आपराधिक लापरवाही है, क्योंकि इस शेल्टर होम को चलाना उनका काम है। करोड़ों रुपए कहां जाते हैं? इसका मतलब है कि भ्रष्टाचार के साथ-साथ आपराधिक लापरवाही भी है, जिसके कारण 27 लोगों की जान चली गई।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि मुझे लगता है कि एनएचआरसी को भी इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। 10 लोगों की डूबने या करंट लगने से मौत हुई है। इसका ठीकरा में भी केजरीवाल सरकार ने दूसरे के ऊपर फोड़ा था। ओल्ड राजिंदर नगर में यूपीएससी के 3 अभ्यर्थियों की मौत हो गई। यह एमसीडी, पार्षद, विधायक, अग्निशमन विभाग की आपराधिक लापरवाही थी। भाजपा प्रवक्ता शहजाद ने कहा कि जिम्मेदारी लेने की बजाय आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई। कुछ दिन पहले पटेल नगर में यूपीएससी के एक अभ्यर्थी की पानी के गड्ढे में करंट लगने से मौत हो गई। पूनावाला ने कहाक कि दिल्ली और एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार है और जल बोर्ड भी उन्हीं के पास है फिर भी ये लाेग दूसरों के ऊपर जिम्मेदारी डालते है।
उन्होंने कहा कि अब दिल्ली सरकार शेल्टर होम मामले में जांच की बात कर रही है लेकिन जांच पर तब तक भरोसा नहीं किया जा सकता जब तक मंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज और तिहाड़ जेल से सरकार चला रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने लिए तो शीश महल बनाते है और दिल्लीवासियों के लिए मौत का शेल्टर होम बनाते है।