Arvind Kejriwal Acquitted Sunita Kejriwal Reaction: आम आदमी पार्टी के लिए आज का दिन बड़ी कानूनी और राजनीतिक जीत लेकर आया है। बहुचर्चित दिल्ली शराब घोटाला मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को सभी आरोपों से ससम्मान बरी कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष किसी भी प्रकार के आपराधिक इरादे को साबित करने में विफल रहा है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई (CBI) मामले में अपना फैसला सुनाते हुए सभी 23 आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है। अदालत ने अपने आदेश में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि जब दस्तावेजों और बयानों को एक साथ पढ़ा जाता है, तो यह स्पष्ट होता है कि यह केवल एक प्रशासनिक विचार-विमर्श था। कोर्ट ने माना कि इस पूरी प्रक्रिया में कोई आपराधिक इरादा नहीं था और अभियोजन पक्ष न्यायिक जांच की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। इस फैसले के साथ ही करीब दो साल से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले का पटाक्षेप हो गया है।
अदालत के इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता आहूजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, "इस संसार में कोई कितना भी शक्तिशाली हो जाए, शिव शक्ति से ऊपर नहीं हो सकता। सच की हमेशा जीत होती है"। उनकी यह प्रतिक्रिया काफी चर्चा में है, जिसे पार्टी समर्थक 'अधर्म पर धर्म की जीत' के रूप में देख रहे हैं। बरी होने के बाद केजरीवाल ने अपने घर पहुँचकर पत्नी और बच्चों को गले लगाया।
बरी होने के बाद मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने इसे एक फर्जी केस करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए यह पूरी साजिश रची गई थी। केजरीवाल ने कहा, "भगवान मेरे साथ हैं। हमारे पांच बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया और एक मौजूदा मुख्यमंत्री को घर से गिरफ्तार किया गया, जो भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ"। उन्होंने दोहराया कि वे भ्रष्टाचारी नहीं हैं और अंततः सत्य की ही जीत हुई है।
मनीष सिसोदिया ने भी 'सत्यमेव जयते' लिखते हुए बाबा साहेब अम्बेडकर और संविधान के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तमाम एजेंसियों द्वारा उन्हें बेईमान साबित करने की कोशिशों के बावजूद आज यह साबित हो गया कि वे 'कट्टर ईमानदार' हैं। वहीं, आप नेता सोमनाथ भारती ने इसे बीजेपी और कांग्रेस की संयुक्त रूप से रची गई साजिश बताया। उन्होंने याद दिलाया कि एक निराधार मामले में सिसोदिया ने 17 महीने और केजरीवाल ने 5 महीने की जेल काटी, जिसे भारतीय राजनीतिक इतिहास कभी नहीं भूलेगा।