2.77 करोड़ वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस नेता निजाम गिरफ्तार (सोर्स- सोशल मीडिया) 
क्राइम

बिजनेसमैन से ₹2.77 करोड़ की वसूली केस में बड़ा ऐक्शन, यूथ कांग्रेस नेता निजाम को पार्टी ने किया सस्पेंड

Mangaluru Congress Leader News: व्यवसायी को ब्लैकमेल कर दो सालों में 2.77 करोड़ वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस नेता निजाम गिरफ्तार और पार्टी से निष्कासित। आरोपी ने फर्जी सुसाइड नोट से डराया था।

करुणा नंद शाहवाल

Congress Leader Arrested in Extortion Case: कर्नाटक के मंगलुरु से सामने आए 2.77 करोड़ रुपये के कथित उगाही (एक्सटॉर्शन) मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस नेता निजाम को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है। मंगलुरु जिला यूथ कांग्रेस कमेटी ने निजाम को जिला महासचिव पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दोनों से हटा दिया है।

जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष इब्राहिम नवाज द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निजाम पर लगे आरोपों से संगठन की अनुशासन व्यवस्था और छवि को नुकसान पहुंचा है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसकी विचारधारा, मूल्यों और संगठनात्मक हितों के खिलाफ किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उगाही मामले में युवा नेता गिरफ्तार

आपको बता दें कि मंगलुरु पुलिस ने मंगलवार को यूथ कांग्रेस पदाधिकारी निजाम और उसके सहयोगी जितेश को एक व्यवसायी को ब्लैकमेल कर लगभग दो वर्षों में करोड़ रुपए की उगाही करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, निजाम और जितेश ने एक प्रतिष्ठित व्यवसायी की निजी आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल कर उसे ब्लैकमेल किया। जांच में सामने आया कि वर्ष 2024 में जितेश की व्यवसायी से पहचान हुई थी।

व्यवसायी से 2.77 करोड़ रुपए वसूलने का आरोप

इसके बाद उसने निजी सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी देकर शुरुआत में 35 लाख रुपए की मांग की। बदनामी के डर से व्यवसायी ने चेक के माध्यम से यह रकम अदा कर दी। इसके बाद दो सालों में 2.77 करोड़ रुपए तक वसूले। जांच में यह भी सामने आया कि जब उगाही की मांगें लगातार बढ़ने लगीं तो पीड़ित ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया। हालांकि पुलिस का आरोप है कि निजाम ने मदद करने के बजाय जितेश का साथ दिया और कथित उगाही गिरोह का हिस्सा बन गया।

आरोपी ने फर्जी आत्महत्या की रची साजिश

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने व्यवसायी पर दबाव बनाने के लिए एक फर्जी आत्महत्या की कहानी भी रची। मई 2024 में निजाम ने व्यवसायी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें व्यवसायी का नाम लिखा है।

इस कहानी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर जितेश की मौत और अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें भी साझा कीं तथा व्यवसायी को कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी दी।

कानूनी कारवाई के डर से व्यवसायी ने दिए पैसे

कानूनी कार्रवाई और सामाजिक बदनामी के डर से व्यवसायी लगातार पैसे देता रहा। पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 से 2026 के बीच उससे कुल 2.77 करोड़ रुपए की उगाही की गई। मामले का खुलासा जून 2026 में तब हुआ, जब व्यवसायी ने मंगलुरु में जितेश को जीवित देखा। इसके बाद उसने उर्वा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

इस बीच, गिरफ्तारी के बाद निजाम की कर्नाटक और मंगलुरु के कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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