भोपाल: चार इमली में IPS अधिकारी की 17 वर्षीय बेटी ने लगाई फांसी, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

IPS Officer Daughter Suicide: राजधानी भोपाल के चार इमली इलाके में IPS अधिकारी की बेटी ने सुसाइड कर लिया है। हबीबगंज पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में जांच उलझती हुई नजर आ रही है।
IPS Officer Daughter Suicide
कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bhopal Suicide Case: राजधानी भोपाल के पॉश इलाके चार इमली में मंगलवार को एक दर्दनाक आत्महत्या की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। एक आईपीएस अधिकारी संजीव कंचन की 17 वर्षीय बेटी ने घर के अंदर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतका 12वीं कक्षा की छात्रा थी और परिवार के साथ चार इमली स्थित अपने आवास पर रहती थी। संजीव पीएचक्यू में एआईजी पद पर पदस्थ हैं।

पुलिस के अनुसार, घटना मंगलवार दोपहर के समय हुई। परिवार के सदस्यों ने जब कमरे में लड़की को फांसी पर लटकते देखा तो वे सदमे में आ गए। तुरंत परिजनों ने हबीबगंज थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

नहीं मिला सुसाइड नोट

हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इससे आत्महत्या के पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस अब मृतका के मोबाइल फोन की जांच कर रही है। उसके कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया एक्टिविटी और संपर्कों की छानबीन की जा रही है। परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से भी पूछताछ चल रही है। मामले में हबीबगंज थाने में मर्ग कायम कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का पता चल सकेगा। पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से जांच रही है।

परिवारों में पैदा हुई चिंता

चार इमली भोपाल का एक अत्यंत सुरक्षित और पॉश इलाका माना जाता है, जहां कई उच्च अधिकारी और प्रतिष्ठित परिवार रहते हैं। इस घटना ने इस क्षेत्र में रहने वाले परिवारों में चिंता पैदा कर दी है। विशेषकर किशोरियों और युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

परिजनों को किशोरों पर ध्यान देने की जरूरत

विशेषज्ञों के अनुसार, परीक्षा के दबाव, पारिवारिक अपेक्षाएं, सोशल मीडिया और व्यक्तिगत समस्याएं आजकल किशोरों में आत्महत्या के प्रमुख कारण बन रहे हैं। भोपाल में पिछले कुछ सालों में छात्रों द्वारा आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके चलते शिक्षा विभाग और परिजनों को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com