बेंगलुरु के डेकेयर सेंटर की आरोपी विजयलक्ष्मी गिरफ्तार (सोर्स- एआई नीर्मित) 
क्राइम

Bengaluru Daycare Case: मुख्य आरोपी विजयलक्ष्मी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, अन्य की तलाश जारी

Bengaluru Daycare Case: डेकेयर सेंटर में बच्चों से कथित मारपीट के मामले में आरोपी विजयलक्ष्मी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस CCTV के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

करुणा नंद शाहवाल

Bengaluru Daycare Case In Vijayalakshmi Arrest: बेंगलुरु के चर्चित डेकेयर सेंटर में मासूम बच्चों के साथ कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विजयलक्ष्मी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ा था। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

बेंगलुरु पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी वीडियो फुटेज में विजयलक्ष्मी को छोटे बच्चों के साथ मारपीट करते हुए देखा गया था, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। वहीं मामले में एक दूसरे आरोपी को भी पुलिस के हिरासत में लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। वहीं पुलिस की विशेष टीम के द्वारा लगातार फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि इस घटना की जानकारी उस वक्त सामने आई जब डेकेयर सेंटर की कर्मचारी सुजाता को वहां के नौकरी से हटाया गया। पूछताछ के लिए उसे भी बुलाया गया है।

कई कर्मचारियों से पूछताछ

पुलिस के द्वारा विजयलक्ष्मी की मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। वहीं उसमें मौजूद डेटा को रिकवर किया जा रहा है, जिसके अहम सबूत प्राप्त किया जा सके। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच, सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और वहां मौजूद गवाहों के बयानों को दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। तो वहीं अब तक डेकेयर सेंटर के आठ से दस कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है। इसके अलावा वहां पढ़ने वाले तीन बच्चों के अभिभावकों के भी बयान दर्ज किए गए हैं।

सरकार ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

इस बीच कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने इस "जघन्य" घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मासूम बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति है। उन्होंने संबंधित विभाग से विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है।

प्रियंक खड़गे ने कहा कि डेकेयर सेंटर और क्रेच संचालकों को तय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि बच्चों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले उनका बैकग्राउंड वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। खासकर पांच से दस वर्ष तक के बच्चों की देखभाल करने वाली संस्थाओं से कहीं अधिक जिम्मेदारी और उच्च मानकों की अपेक्षा की जाती है

वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार

दरअसल यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर कुछ हैरान कर देने वाले वीडियो वायरल होने लगे। इन वीडियो में ब्रूकफील्ड स्थित एक निजी कंपनी के परिसर में संचालित सोसायटी जनरल बेबी केयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार होता दिखाई दिया था। वीडियो बाद में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) तक भी पहुंचाए गए। मामले में पांच आरोपियों की पहचान मंजुला, विजयलक्ष्मी, भवानी, सिंधु और बिंदु के रूप में हुई है।

बच्चों की सुरक्षा पर सख्त कार्रवाई

बता दें कि बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने इस हैरान कर देने वाले वीडियो देखने के बाद इस घटना को "गंभीर" और "जघन्य" बताया। वहीं इस मामले की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है, जिसने डेकेयर सेंटर का निरीक्षण किया है और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है।

आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज

एचएएल पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता तिलकेश कुमार के अनुसार, आरोपियों ने मासूम बच्चों के साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की। आरोप है कि बच्चों को पीटा जाता था, बाथरूम में बंद किया जाता था, डराने के लिए वॉशिंग मशीन में बैठाया जाता था, जबरन वेस्टर्न टॉयलेट पर बैठाया जाता था और उनके मुंह में पानी की पाइप डालकर उन्हें प्रताड़ित किया जाता था।

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