चंद्रपुर में नवजात की बिक्री का खुलासा, BJP की दो महिला पदाधिकारी गिरफ्तार; मची राजनीतिक हलचल

Chandrapur Crime News: चंद्रपुर शिशु तस्करी मामले में रामनगर पुलिस ने दस्तावेज बनवाने में मदद के आरोप में भाजपा महिला मोर्चा की सायली येरणे और भाग्यश्री हांडे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा।
Chandrapur Minor Molestation Case
POCSO केस प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Chandrapur Minor Molestation Case: चंद्रपुर शहर में सामने आए नवजात शिशु की कथित बिक्री एवं मानव तस्करी प्रकरण ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। रामनगर पुलिस ने इस मामले में दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं में कथित सहयोग करने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी दो महिला पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को दोनों को न्यायालय में पेश किए जाने पर अदालत ने उन्हें जुडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। इस कार्रवाई से शहर के राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

गिरफ्तार महिलाओं की पहचान भाजपा शहर महिला मोर्चा की महामंत्री सायली येरणे और भाग्यश्री हांडे के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इससे पहले इस मामले में मुख्य आरोपी अजय फुलझेले, पीड़ित नाबालिग की मां तथा नवजात शिशु को खरीदने के आरोप में दो अन्य महिलाओं को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दस्तावेज बनाने में की थी मदद Z

चंद्रपुर पुलिस का दावा है कि गहन जांच के दौरान नवजात शिशु की कथित बिक्री से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने और अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने में दोनों महिला पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका सामने आई है। इसी तकनीकी आधार पर उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े आर्थिक लेन-देन, दस्तावेजों की श्रृंखला तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, आगामी दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

जीरो एफआईआर से पर्दाफाश

प्राथमिक जांच के अनुसार, पीड़ित महिला के पति के निधन के बाद उसकी पहचान मुख्य आरोपी अजय फुलझेले से हुई थी। आरोप है कि उसने महिला की 15 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। प्रसव के बाद नवजात शिशु की अवैध बिक्री की साजिश रचे जाने का आरोप भी पुलिस जांच में सामने आया है।

पुलिस का यह भी कहना है कि नाबालिग की पहचान छिपाने के लिए उसका मुंडन तक कराया गया था। नागपुर में प्रसव के बाद दर्ज की गई 'जीरो एफआईआर' को बाद में आधिकारिक जांच के लिए रामनगर पुलिस थाने स्थानांतरित किया गया था।

भाजपा महिला मोर्चा की मांग

भाजपा महिला महानगर मोर्चा ने पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर मामले की पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच करने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसी भी आरोपी की राजनीतिक, सामाजिक या अन्य पृष्ठभूमि से प्रभावित हुए बिना, सभी संबंधित व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच की जाए। ज्ञापन में दस्तावेजों, आर्थिक लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

शिवसेना (शिंदे) ने भी सौंपा ज्ञापन

शिवसेना (शिंदे) की ओर से भी चंद्रपुर जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर इस मामले की व्यापक, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने की मांग की गई है। ज्ञापन में मानव तस्करी, नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण, संगठित सेक्स रैकेट तथा नवजात शिशुओं की कथित बिक्री से जुड़े संभावित बड़े नेटवर्क का खुलासा करने की मांग की गई है।

साथ ही पिछले एक वर्ष में लापता हुए 200 से अधिक नाबालिगों के मामलों की पुनः जांच करने, शहर के होटलों, लॉज और संदिग्ध स्थानों की विशेष जांच करने तथा किसी भी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण दिए बिना सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

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