रायपुर में आठ महीने में ई-चालान से नौ करोड़ वसूले गए।
जनवरी से अगस्त के बीच कुल आठ करोड़ चौरानवे लाख मिले।
शहर की सड़कें बदहाल हैं और सिग्नल भी खराब पड़े हैं।
नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधाएं मिलने का इंतजार है।
प्रशासन से ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की मांग की जा रही है।
Raipur Road Safety Traffic Challan Status : राजधानी रायपुर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान के जरिए आठ महीने में करीब 9 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। सूचना का अधिकार के तहत मिले आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अगस्त 2026 के बीच रायपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में कुल 8 करोड़ 94 लाख 32 हजार 350 रुपये समन शुल्क के रूप में वसूले गए। लेकिन दूसरी ओर शहर की बदहाल सड़कों, गड्ढों और अव्यवस्थित ट्रैफिक सिग्नलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधाएं कब मिलेंगी?
RTI से मिली जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा वसूली मार्च 2026 में हुई। इस महीने ई-चालान से 1 करोड़ 93 लाख 94 हजार 500 रुपये वसूले गए। मई में 1 करोड़ 75 लाख 42 हजार 50 रुपये और अप्रैल में 1 करोड़ 52 लाख 500 रुपये की वसूली दर्ज की गई।
जनवरी: 1,08,41,200
फरवरी: 95,36,900
मार्च: 1,93,94,500
अप्रैल: 1,52,00,500
मई: 1,75,42,050
जून: 44,47,600
जुलाई: 63,77,700
अगस्त: 60,91,900
इन आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से मई तक हर महीने एक करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई। वहीं जून से अगस्त के बीच वसूली में गिरावट दर्ज की गई। रायपुर में कई जगह सड़कें गड्ढों से जूझ रही हैं। धूल और खराब सड़कें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं,
वहीं कुछ स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नलों के ठीक से काम नहीं करने की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के साथ-साथ सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
ई-चालान का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है। लेकिन नागरिकों की अपेक्षा है कि नियमों के पालन के साथ सड़क, सिग्नल और यातायात प्रबंधन की सुविधाओं पर भी उतना ही ध्यान दिया जाए। जब चालान से करोड़ों रुपये वसूले जा रहे हैं, तो रायपुर की यातायात व्यवस्था में सुधार कब दिखाई देगा?