Chhattisgarh Coal Scam Devendra Yadav EOW Inquiry : रायपुर में कोल लेवी मामले को लेकर फिर हलचल बढ़ी है। भिलाई विधायक देवेंद्र यादव से EOW ने लंबी पूछताछ की। पूछताछ का मुख्य आधार आरोपी से जब्त डायरी को बताया जा रहा है। विधायक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद कहा है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ में कोयला लेवी मामले की जांच तेज हो गई है। भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव रायपुर स्थिति आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW – Economic Offences Wing) के दफ्तर पहुंचे। वहां अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की।
जांच एजेंसी ने उन्हें पहले समन भेजा था। समन मिलने के बाद वह पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। EOW दफ्तर में उनसे दो घंटे से ज्यादा समय तक सवाल पूछे गए। पूछताछ खत्म होने के बाद वह वापस लौट गए।
मामले में पूछताछ की मुख्य वजह एक दस्तावेज बना है। जांच के दौरान मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के ठिकानों से डायरी मिली थी। इस डायरी में देवेंद्र यादव का नाम दर्ज होने की बात सामने आई है।
डायरी एंट्री में पैसों के लेन-देन का जिक्र है। EOW इसी लेन-देन को लेकर विधायक से जवाब मांग रही है। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि क्या कोई राशि उन तक पहुंची थी।
पूछताछ के दौरान देवेंद्र यादव ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनका इस लेन-देन से कोई संबंध नहीं है।
फिलहाल EOW की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जरूरत पड़ने पर विधायक को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला बेहद गंभीर है। जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच अवैध लेवी वसूली गई थी। कोयला कारोबारियों से 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से वसूली होती थी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED – Enforcement Directorate) और EOW की जांच में एक सिंडिकेट का नाम आया। इस सिंडिकेट ने कोयले के ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन कर दिया था। इस पूरी व्यवस्था पर सिंडिकेट ने अपना नियंत्रण बना लिया था।
इस व्यवस्था के जरिए 540 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध वसूली का आरोप है। अब जांच एजेंसी जब्त दस्तावेजों और डायरी की कड़ियों को आपस में जोड़ रही है। देवेंद्र यादव से पूछताछ इसी जांच प्रक्रिया का एक हिस्सा है।