टामन सिंह सोनवानी सोर्स- सोशल मीडिया
रायपुर

पूर्व अध्यक्ष सोनवानी को अस्पताल में VIP सुविधा, वीडियो वायरल होने पर प्रहरी सस्पेंड

CGPSC Scam Raipur : सीजीपीएससी घोटाले के आरोपी पूर्व अध्यक्ष सोनवानी का मेकाहारा अस्पताल में बिना हथकड़ी परिजनों से मिलने का वीडियो वायरल होने पर प्रहरी सस्पेंड हुआ।

ऐश्वर्या द्विवेदी

CGPSC Scam Accused Taman Singh Sonwani VIP Treatment : टामन सिंह सोनवानी सीजीपीएससी घोटाले में जेल में बंद हैं। इलाज के लिए उन्हें रायपुर के मेकाहारा अस्पताल लाया गया था। अस्पताल परिसर में बिना हथकड़ी का उनका वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में वह बिना सुरक्षा परिजनों से बात करते दिखे। मामले में जेल प्रशासन ने एक प्रहरी को निलंबित कर दिया।

अस्पताल में टामन को वीआईपी सुविधा

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले के आरोपी टामन सिंह सोनवानी फिर सुर्खियों में हैं। वह आयोग के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। फिलहाल वह जेल में बंद हैं। इलाज के लिए उन्हें रायपुर के अस्पताल लाया गया था।

अस्पताल परिसर में उन्हें विशेष सुविधा मिलने का आरोप लगा है। सोनवानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह अपने परिजनों से बातचीत करते दिख रहे हैं।

बिना हथकड़ी दिखे सोनवानी

वायरल वीडियो में सोनवानी के हाथों में हथकड़ी नहीं दिख रही है। बताया जा रहा है कि उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए लाया गया था। उस समय उनके साथ सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे।

इस वीडियो के सामने आते ही जेल प्रशासन पर सवाल उठने लगे। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अधिकारियों ने इस पर तुरंत कड़ा संज्ञान लिया है।

प्रहरी पर गिरी गाज

लापरवाही के आरोप में रायपुर के प्रहरी संदीप कुमार महेश्वरी को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है।

इसके अलावा दो अन्य प्रहरियों के खिलाफ भी पत्र लिखा गया है। बिलासपुर के पवन कुमार लहरे और जगदलपुर के नगेंद्र कुमार महतो पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

ईडी की सख्त कार्रवाई

इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में दस्तावेज पेश किए हैं। ईडी ने रायपुर की विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दर्ज कराई है।

इसमें सोनवानी और पूर्व ओएसडी चेतन बोरघरिया को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने करीब 3,700 पन्नों के दस्तावेज जमा किए हैं। इसके साथ 99 पन्नों का सारांश भी सौंपा गया है।

अस्पताल में पहले भी उठे सवाल

मेकाहारा अस्पताल में बंदियों को VIP सुविधा मिलने की शिकायतें पुरानी हैं। इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी ऐसा ही मामला सामने आया था।

तब हथियार सप्लाई का एक आरोपी आराम से मोबाइल चलाता दिखा था। उस समय भी प्रबंधन ने सख्ती की बात कही थी। हालांकि ताज़ा घटना बताती है कि व्यवस्था में खास सुधार नहीं हुआ है।

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