नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई शुरुआत।
200 से अधिक सुरक्षा कैंप बनेंगे ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’।
गृहमंत्री अमित शाह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुए शामिल।
सीएम साय बोले- सेवा डेरों से खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर।
Amit Shah Meeting on a Naxal-free Bastar: नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर में विकास और पुनर्वास को गति देने की तैयारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के घावों पर मरहम लगाना, उनका पुनर्वास करना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की निशानियां मिटाकर बस्तर को खुशहाल और समृद्ध बनाना है। केंद्र सरकार इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है।
अमित शाह बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दंतेवाड़ा में आयोजित दिव्यांगजन सहायता शिविर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
दंतेवाड़ा में 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिए जाएंगे। इनमें दंतेवाड़ा के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा के 62 लाभार्थी शामिल हैं। शिविर का आयोजन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर और सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है।
गृह मंत्री ने बताया कि नक्सल अभियान के दौरान स्थापित 500 से अधिक सुरक्षा शिविरों में से 200 से अधिक को ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों से सरकारी सेवाओं, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पुनर्वास और सहायता का काम लगातार जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अब बस्तर को विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के जरिए दूरस्थ गांवों तक सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश के सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्रों में शामिल करना है।