कांकेर में सिंगारभाठ पहाड़ियों के पास 280 किलो गांजा लावारिस मिला।
जब्त गांजे की कुल कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
बीती रात पुलिस की घेराबंदी देखकर आरोपी सामान फेंककर फरार हो गए।
पुलिस ने गांजे को तीन गाड़ियों में भरकर थाने तक पहुंचाया।
यह नशीली खेप पड़ोसी राज्य ओडिशा की तरफ से छत्तीसगढ़ लाई जा रही थी।
Odisha To Chhattisgarh Ganja Smuggling : प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तस्कर बीती रात ही इस माल को फेंककर भागे थे। पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस को वहां गांजे की कई थैलियां मिलीं।
तस्करों ने इसे छिपाने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से उनका प्लान नाकाम हो गया। पुलिस जब्त माल को तीन गाड़ियों में भरकर थाने ले आई।
बताया जा रहा है कि यह खेप ओडिशा की सीमा से लाई जा रही थी। पुलिस रास्ते में लगातार चेकिंग अभियान चला रही थी। घेराबंदी की भनक लगते ही तस्कर घबरा गए। उन्होंने पकड़ाने के डर से रास्ता बदलने का प्रयास किया।
रास्ता बदलते समय वे रास्ते में ही माल छोड़ गए। तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले। पुलिस अब पूरे इलाके में नाकाबंदी कर उनकी तलाश कर रही है।
फिलहाल कांकेर पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुट गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि यह माल कहां से आ रहा था। इसके साथ ही इसके मुख्य खरीदार की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की कई टीमें संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जल्द ही इस गिरोह के पर्दाफाश होने की उम्मीद है। पुलिस नशे के इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने की कोशिश में है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि अवैध नशे की यह बड़ी खेप पड़ोसी राज्य ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ में खपाने की तैयारी थी। सीमावर्ती इलाकों से इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों का अंदर आना सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल, पुलिस महकमा इस बात की गहराई से छानबीन कर रहा है कि इस काले कारोबार के पीछे कौन सा बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और इस तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।