Jhiram Valley Naxal Attack Death Sentence: छत्तीसगढ़ के बस्तर में साल 2013 में हुए झीरम घाटी नक्सली हमला मामले में आज NIA की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए 10 माओवादियों को मौत की सजा सुनाई है। बुधवार शाम करीब पांच बजे विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने दोषियों को सजा सुनाई।
जानकारी के मुताबिक, इस समय मामले के सभी दोषी जगदलपुर केंद्रीय कारागार में बंद हैं। सजा सुनाए जाने के वक्त अभियुक्तों के परिजन भी अदालत के बाहर मौजूद रहे। बीजापुर और दंतेवाड़ा से भी कुछ रिश्तेदार जगदलपुर पहुंचे थे।
झीरम घाटी नक्सली हमले के दोषियों में सुरक्षा बलों ने कुल 10 लोगों को अरोपी बनाया था। सजा पाने वाले आरोपियों में तीन महिलाएं भी हैं। करीब 13 साल तक चली सुनवाई और 101 गवाहों के बयान के बाद विशेष अदालत ने प्रमिला मोडियाम, सुमित्रा पुनेम, मुक्का मांडवी, मड़कामी देवा, कोसा कवासी, आयत मरकाम, बंजामी सेना, चैतू लेकाम, जोगा मड़कामी और महादेव नागा को दोषी ठहराया था। इन्हें सात धाराओं में दोषी पाया गया था।
NIA के विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आदेश की पुष्टि हाईकोर्ट द्वारा की जाएगी। दोषियों के पास 30 दिनों के अंदर सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने का अधिकार है। अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने सजा कम करने की दलील दी थी।
2013 में बस्तर में कांग्रेस अपनी परिवर्तन यात्रा निकाल रही थी। 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा सुकमा से जगदलपुर की ओर लौट रही थी। इस दौरान दरभा इलाके के झीरम घाटी में घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने पहले कांग्रेस नेताओं के काफिले को विस्फोट करके उड़ाया और फिर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, बस्तर टाइगर और तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता उदय मुद्लिया समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। हमले से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का नेतृत्व लगभग खत्म हो गया था।
NIA ने अपनी जांच के दौरान एक समय दावा किया था कि हमले की योजना बनाने से लेकर अंजाम देने में 150 से अधिक माओवादी शामिल थे। चार्जशीट में विस्फोटक सामग्री, हथियार, फॉरेंसिक जांच, कथित स्वीकारोक्ति और घटनास्थल से जुड़े सबूतों का जिक्र किया गया था। NIA की चार्जशीट के मुताबिक, कुछ आरोपियों पर हमले में शामिल हुए बिना, हथियार लूटने और हमले के लिए रसद उपलब्ध कराने जैसे आरोप लगाए गए थे।