छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में बड़ा बदलाव हुआ है।
अतिथि प्रवक्ताओं की हाजिरी अब बायोमेट्रिक से लगेगी।
उच्च शिक्षा संचालनालय ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
नया नियम व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए बना है।
अब डेली अटेंडेंस के आधार पर ही मानदेय मिलेगा।
Chhattisgarh Government College Biometric Attendance : उच्च शिक्षा संचालनालय ने बड़ा कदम उठाया है। सभी शासकीय कॉलेजों को पत्र भेजा गया है। अब अतिथि व्याख्याताओं की हाजिरी डिजिटल होगी।
इसके लिए आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली इस्तेमाल होगी। इस प्रणाली को एईबीएएस कहते हैं। विभाग ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं। सभी कॉलेजों में इसे तुरंत लागू करना होगा।
अतिथि व्याख्याता नीति 2024 में संशोधन हुआ है। अब प्रति कार्यदिवस के हिसाब से भुगतान होगा। इसी व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए यह फैसला लिया गया। इससे मानदेय भुगतान में आसानी होगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। काम के घंटों का सही हिसाब रखा जाएगा। इससे शिक्षकों को समय पर मानदेय मिलेगा।
कॉलेजों के प्राचार्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अतिथि व्याख्याताओं का पंजीयन सिस्टम में करना होगा। उन्हें नॉन-गवर्नमेंट कैटेगरी में दर्ज किया जाएगा। इसमें अतिथि व्याख्याता और ग्रंथपाल शामिल हैं।
साथ ही खेल अधिकारियों का भी पंजीयन होगा। प्राचार्य रोजाना उपस्थिति की मॉनिटरिंग करेंगे। शिक्षकों को तय समय पर परिसर में रहना होगा। उन्हें अपने शैक्षणिक दायित्व सही से निभाने होंगे। समय का पालन करना सभी के लिए जरूरी होगा।
तकनीकी समस्या आने पर वैकल्पिक व्यवस्था रहेगी। बायोमेट्रिक न चलने पर रजिस्टर का उपयोग होगा। दूसरी बायोमेट्रिक डिवाइस से भी हाजिरी लग सकेगी। हर महीने डेटा का मिलान किया जाएगा। एईबीएएस डेटा का मिलान कॉलेज रजिस्टर से होगा। गड़बड़ी मिलने पर प्राचार्य स्तर पर समाधान होगा।
नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। समय पर न आने पर कार्रवाई की जाएगी। तय समय से पहले जाना भी नियम विरुद्ध होगा। उपस्थिति दर्ज न कराने पर नुकसान उठाना पड़ेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने इस पर रुख साफ किया है। इस कदम से कॉलेजों में व्यवस्था बेहतर होगी। शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। छात्रों को समय पर कक्षाओं का लाभ मिलेगा। यह फैसला उच्च शिक्षा हित में लिया गया है।