500 वर्षों की गाथा और 10 हजार ज्योति कलशों की चमक, भव्य रूप में दिखा रायपुर का मां बंजारी मंदिर

Maa Banjari Mandir Raipur : रायपुर के प्राचीन मां बंजारी मंदिर में 10 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। यहां उमड़ रही भारी भीड़ और सेवा कार्य से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है।
Raipur’s Maa Banjari Temple Illuminated by 10,000 Sacred Lamps; Devotees Flock In
रायपुर का मां बंजारी मंदिरफोटो सोर्स- नवभारत
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Highlights

  • रायपुर के प्राचीन मंदिर में दस हजार ज्योति कलश प्रज्वलित।

  • बंजारी मंदिर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़।

  • आस्था और सेवा का अनूठा संगम देख रहे लोग।

  • मनोकामना पूरी होने की आस में पहुंच रहे श्रद्धालु।

  • मां बंजारी के दरबार में गूंज रहे भजन कीर्तन।

Maa Banjari Mandir Jyoti Kalash Raipur : रायपुर के प्राचीन मां बंजारी मंदिर में दस हजार ज्योति कलश जलाए गए हैं। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में भजन और कीर्तन का दौर लगातार जारी है। मुख्य पुजारी के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है।

आस्था का केंद्र

रायपुर का यह प्राचीन मंदिर लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां जलते हुए ज्योति कलश पूरे परिसर को रोशन कर रहे हैं। भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर लगातार मंदिर आ रहे हैं। माता के दरबार में हर कोई सुख शांति की कामना कर रहा है।

सेवा और भक्ति

मंदिर की एक बड़ी पहचान यहां होने वाले सेवा कार्य हैं। सेवाभावी लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार मंदिर में सहयोग कर रहे हैं। भजन और जयकारों से पूरा वातावरण गूंज रहा है। लोग सच्चे मन से मां की आराधना में जुटे हैं।

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पांच सौ साल पुराना इतिहास

रायपुर के बीरगांव रावांभाठा क्षेत्र में स्थित मां बंजारी मंदिर का इतिहास करीब 500 साल पुराना है। बिलासपुर रोड पर स्थित इस प्राचीन मंदिर की स्थापना बंजारा समुदाय के लोगों ने की थी। किंवदंतियों के अनुसार, बंजारों ने यहां डेरा डाला था तब बंजर जमीन से देवी के मुख के आकार का पत्थर मिला था। इसी पत्थर को अपनी कुलदेवी मानकर उन्होंने स्थापित किया था, जो आज बंजारी माता के नाम से प्रसिद्ध है।

मंदिर की अनूठी परंपराएं

यह मंदिर अपनी खास और अलग परंपराओं के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में जाना जाता है। यहां मां बंजारी की मूर्ति बगलामुखी स्वरूप में विराजमान है, जिसकी तांत्रिक पूजा भी की जाती है। इसके अलावा मंदिर परिसर में इंडिया गेट की तर्ज पर अमर जवान जोत प्रज्वलित की गई है। यहां आने वाले श्रद्धालु और गुरुकुल के विद्यार्थी इस अमर जवान जोत को सलामी देने के बाद ही मंदिर में प्रवेश करते हैं।

आकर्षण का केंद्र झांकी

मंदिर परिसर में बनी स्वर्ग-नरक की स्थायी झांकी यहां आने वाले सभी लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। इस झांकी के माध्यम से अच्छे कर्मों का फल स्वर्ग और बुरे कर्मों के लिए नरक की यातनाओं को बहुत सुंदर ढंग से दर्शाया गया है। यमदूतों द्वारा दिए जाने वाले कष्टों का यह चित्रण श्रद्धालुओं को अच्छे कार्य करने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

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