बिलासपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट घेराव किया।
नेहरू चौक पर पुलिस ने तीन बैरिकेडिंग लगाई।
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ आगे बढ़ने की कोशिश की।
स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार छोड़ी।
कांग्रेस ने विकास कार्यों में भेदभाव के आरोप लगाए।
Chhattisgarh Congress Protest In Bilaspur : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में राजनीति अचानक गरमा गई है। बेलतरा विधानसभा के विधायक सुशांत शुक्ला के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केसरवानी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव करने का बड़ा प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।
कांग्रेस भवन से कार्यकर्ता रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़े। नेहरू चौक के पास पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। तीन लेयर की भारी बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को मजबूरन वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। पानी की बौछार छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया गया।
प्रदर्शन के बाद सभा को संबोधित करते हुए विजय केसरवानी ने तीखे हमले किए। उन्होंने विधायक सुशांत शुक्ला पर निजी हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। केसरवानी का कहना था कि ग्राम पंचायतों से लेकर नगर निगम तक दबाव बनाया जा रहा है। अपने चहेतों को ठेके दिलाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। विकास कार्यों में खुलेआम भेदभाव किए जाने की बात भी कही गई।
अवैध रेत उत्खनन और अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। कोटा विधायक द्वारा उठाए गए बयानों का हवाला देकर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। निजी संस्थानों को अनुचित लाभ पहुंचाने की बात भी सामने आई है। हालांकि इन तमाम आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। विधायक और प्रशासन का पक्ष आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल खड़े किए। आरोप लगाया गया कि कलेक्टर ने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया। पुलिस के जरिए जनता की आवाज को दबाने की पूरी कोशिश हुई। कांग्रेस पार्टी इस मामले में पीछे हटने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में गांवों और वार्डों में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पार्टी जनसंपर्क के जरिए जनता के बीच इन मुद्दों को लेकर जाएगी। राजनीतिक हस्तक्षेप और भेदभाव के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई है। एक घंटे तक चले इस हंगामे के बाद राजनीति पूरी तरह गरमाई हुई है। प्रशासन और पुलिस इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहे हैं।