भूपेश बघेल ने बीएसपी बेचने का बड़ा आरोप लगाया।
अडानी टीम के दौरे पर राज्य में सियासत गरमाई।
अडानी गैस ने पीएनजी सप्लाई के लिए समझौता किया।
प्लांट और कैंटीन में गैस सप्लाई का एग्रीमेंट हुआ।
सेल प्लांट के विस्तार पर भारी निवेश कर रहा।
BSP Privatization Controversy Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भिलाई स्टील प्लांट को बेचने का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि अडानी समूह की टीम प्लांट का मुआयना करने आ रही है। इस दावे के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। हालांकि, सामने आए दस्तावेजों में यह गैस सप्लाई का एग्रीमेंट निकला है। केंद्र सरकार और सेल इस प्लांट के विस्तार पर भारी-भरकम राशि खर्च कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की संपत्तियों को बेचने के बाद अब नजर भिलाई स्टील प्लांट पर है। उनके अनुसार अडानी समूह की टीम इस प्लांट का मुआयना करने वाली है। उन्होंने लिखा कि छत्तीसगढ़वासी इस प्लांट को बिकने नहीं देंगे। यह बयान सामने आते ही राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी नेता इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं।
भूपेश बघेल के आरोपों के बाद दूसरी तरफ से सच्चाई सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अडानी टोटल गैस ने बीएसपी के साथ एक एमओयू साइन किया है। यह समझौता केवल प्लांट, कैंटीन और आसपास के घरों में गैस सप्लाई के लिए है। यह आपूर्ति पाइप्ड नेचुरल गैस के रूप में की जाएगी। उद्योग समूह का दल इसी व्यवस्था का मुआयना करने बीएसपी आ रहा है। इसे बेचने की कोशिश बताना पूरी तरह गलत प्रचार है।
भिलाई स्टील प्लांट को लेकर सरकार की योजनाएं कुछ और ही कहती हैं। केंद्र सरकार और सेल इस प्लांट के विस्तार पर काम कर रहे हैं। इस पर इकतीस हजार करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा रहा है। इसके जरिए प्लांट की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। क्षमता बढ़ने से उत्पादन में भी बड़ा इजाफा होगा। इसकी आधिकारिक जानकारी संसद में भी दी जा चुकी है।