22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगी राष्ट्रपति।
रायपुर और बस्तर में कई कार्यक्रम में होंगी शामिल।
माता हासी देवी के सम्मान में जारी होगा सिक्का।
23 अक्टूबर को मुरिया दरबार में होंगी शामिल।
President Draupadi Murmu chhattisgarh Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगी। दो दिवसीय दौरे के दौरान राष्ट्रपति राजधानी रायपुर और बस्तर संभाग के जगदलपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगी। उनके दौरे का निर्धारित कार्यक्रम जारी होने के बाद प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रपति का यह प्रवास बस्तर दशहरा के आयोजन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है, जहां वे जनजातीय परंपरा से जुड़े मुरिया दरबार के कार्यक्रम में शामिल होंगी।
राष्ट्रपति के दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर को रायपुर से होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:45 बजे वे लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस दौरान पूज्य माता हासी देवी के सम्मान में 200 रुपए का स्मारक सिक्का जारी किया जाएगा। इसी दिन शाम 4 बजे राष्ट्रपति रायपुर के इंडोर स्टेडियम पहुंचेंगी। यहां नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी रहेगी। वे इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम के तहत सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन भी आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रपति के दौरे का दूसरा दिन बस्तर के नाम रहेगा। 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे वे जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद दोपहर 12:45 बजे बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम और मुरिया दरबार में शामिल होंगी।
करीब 75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है। इस आयोजन में राष्ट्रपति की भागीदारी से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रपति के प्रवास को लेकर मुख्य सचिव विकासशील ने हाल ही में तैयारियों की समीक्षा की थी। बैठक में संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा, प्रोटोकॉल, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरे के लिए संस्कृति विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। राष्ट्रपति को बस्तर दशहरा में शामिल होने का आमंत्रण केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मुलाकात के दौरान दिया था। अब प्रशासन का फोकस निर्धारित कार्यक्रमों को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने पर है।