

22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगी राष्ट्रपति।
विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा को लेकर जोर-शोर से चल रही तैयारी।
पहली बार लालबाग मैदान में सजेगा मुरिया दरबार।
बस्तर की परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर।
President Draupadi Murmu chhattisgarh Visit: छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक परंपराओं और बस्तर की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की तैयारी है। विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान इस बार मुरिया दरबार का आयोजन जगदलपुर के लालबाग मैदान में किया जाएगा। 23 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी इसे विशेष महत्व देगी। दशकों से चली आ रही परंपरा में आयोजन स्थल का यह बदलाव अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष आमंत्रण पर उनका बस्तर पहुंचना प्रस्तावित है। राष्ट्रपति की मौजूदगी में आयोजित होने वाले मुरिया दरबार के जरिए बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय समाज की ऐतिहासिक भूमिका को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।
बस्तर दशहरा केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुरिया दरबार को जनजातीय समाज और स्थानीय शासन व्यवस्था के बीच संवाद की ऐतिहासिक परंपरा से जोड़कर देखा जाता है। इस मंच पर बस्तर के लोगों की समस्याओं, अपेक्षाओं और क्षेत्र से जुड़े विषयों को सामने रखने की परंपरा रही है। यही वजह है कि मुरिया दरबार को बस्तर की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ जनभागीदारी का प्रतीक भी माना जाता है।
इस बार लालबाग मैदान में मुरिया दरबार आयोजित करने का निर्णय आयोजन को नई पहचान देने वाला कदम माना जा रहा है। राष्ट्रपति की उपस्थिति से इस आयोजन पर देशभर का ध्यान केंद्रित होने की संभावना है। बस्तर की परंपराओं और जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का यह महत्वपूर्ण अवसर होगा। अब सबकी निगाहें 23 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपरा राष्ट्रपति की मौजूदगी में एक नए आयोजन स्थल पर दिखाई देगी।