शराब दुकान के खिलाफ ग्रामिणों ने खोला मोर्चा।
बस्तर के बांडाजी में आर-पार की लड़ाई के मूड में ग्रामीण।
दो टूक कहा- लिखित आश्वासन दो, तभी खत्म होगा आंदोलन।
चित्रकोट रोड पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गांव के लोग।
Bastar villagers Protest From Five Days: पांच दिन से धरना जारी है… दिन गुजर रहा है, रात बीत रही है, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के बांडाजी गांव में प्रस्तावित शराब दुकान के खिलाफ सैकड़ों महिला-पुरुषों ने मोर्चा खोल दिया है। चित्रकोट रोड पर दिन-रात चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में ग्रामीणों का एक ही सवाल है, जब गांव के लोग शराब दुकान नहीं चाहते।
बांडाजी में शराब दुकान के प्रस्ताव को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। विरोध में महिलाएं और पुरुष एकजुट होकर धरने पर बैठे हैं। पांच दिन गुजरने के बाद भी मांग पर ठोस पहल नहीं होने से आंदोलन खत्म होने के बजाय लंबा खिंचता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि सिर्फ आश्वासन देकर उन्हें धरने से नहीं उठाया जा सकता। उनकी मांग है कि प्रशासन लिखित में भरोसा दे कि गांव में शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। जब तक ऐसा नहीं होता, दिन-रात धरना जारी रहेगा।
पांच दिनों से जारी आंदोलन के बीच अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर हैं। क्या ग्रामीणों को उनकी मांग के मुताबिक लिखित आश्वासन मिलेगा या बांडाजी में विरोध और लंबा चलेगा? फिलहाल ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और शराब दुकान के मुद्दे पर फैसला होने का इंतजार कर रहे हैं।