अनिमेष 100 और 200 मीटर दौड़ के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं।
छत्तीसगढ़ आगमन पर अनिमेष कुजूर का हुआ सम्मान।
20वें एशियाई खेलों में जीता कास्य पदक।
Sprinter Animesh Kujur in Chhattisgarh: जापान में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में मिक्स्ड रिले स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले जशपुर के एथलीट अनिमेष कुजूर का छत्तीसगढ़ आगमन पर सम्मान किया गया। छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया ने अनिमेष और उनके परिजनों को सम्मानित कर बधाई दी।
अनिमेष 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं। वे कई अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। सिसोदिया ने एशियाई खेलों की 200 मीटर दौड़ में पांचवां स्थान हासिल करने पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। साथ ही आगामी अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारियों और प्रशिक्षण पर चर्चा की।
सिसोदिया ने अनिमेष को छत्तीसगढ़ सरकार से हरसंभव सहयोग दिलाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जीएस बामरा, परविंदर सिंह ग्रेवाल, आदित्य सिंह ठाकुर और रितिका सिंह सहित खेल जगत से जुड़े पदाधिकारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अनिमेष के परिवार का बलौदाबाजार से गहरा नाता है। उनके पिता अमृत कुजूर बलौदाबाजार में लंबे समय तक डीएसपी ट्रैफिक रहे और उनकी माता भी पुलिस विभाग में रही हैं। वर्तमान में वे जशपुर में तैनात हैं। इसी जुड़ाव के कारण बलौदाबाजार पुलिस ने भी परिवार को बधाई दी है। पुलिस ने इसे मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का उदाहरण बताया। अनिमेष की यह कामयाबी सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए संदेश है जो सीमित संसाधनों में भी बड़ा सपना देखते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर की माटी के बेटे अनिमेष कुजूर ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। भारतीय टीम द्वारा राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार करना इस उपलब्धि को और विशेष बनाता है।
मुख्यमंत्री ने कुजूर से एशियन गेम्स में उनके प्रदर्शन, प्रशिक्षण और खेल यात्रा के संबंध में आत्मीय चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि प्रदेश के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना यह साबित करता है कि प्रतिभा को उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिले तो हमारे युवा दुनिया के किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बस्तर से सरगुजा और जशपुर तक हमारे जनजातीय और ग्रामीण अंचलों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसी प्रतिभाओं की पहचान शुरुआती स्तर पर हो और उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।