Bhatapara MLA Attack Police Investigation : भाटापारा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कड़ार में बीती रात विधायक इन्द्र साव की गाड़ी पर हुए अचानक पथराव की घटना से हड़कंप मच गया है। विधायक ग्राम लेवई में आयोजित एक शोक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहे थे, तभी कड़ार गांव के पास असामाजिक तत्वों ने उनकी चलती गाड़ी पर पत्थर से हमला कर दिया।
इस अचानक हुए हमले में विधायक और उनके साथ सवार लोग बाल-बाल बच गए, हालांकि वाहन को गंभीर नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाटापारा विधायक इन्द्र साव ग्राम लेवई में एक दुखद परिवार से संवेदना व्यक्त करने गए थे। शोक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद वे अपने वाहन से निवास स्थान की ओर वापस आ रहे थे।
जैसे ही उनका वाहन ग्राम कड़ार के करीब पहुंचा, अंधेरे का फायदा उठाकर अज्ञात लोगों ने उनके वाहन पर पथराव कर दिया। पत्थर लगते ही गाड़ी में तेज आवाज हुई और सवार लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और विधायक सुरक्षित बाहर निकल सके।
घटना के तुरंत बाद विधायक पक्ष द्वारा मामले की लिखित सूचना भाटापारा ग्रामीण थाना पुलिस को दी गई। हालांकि, शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से समर्थकों और स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है।
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि घटना की पूरी जानकारी देने के बावजूद पुलिस ने अब तक आरोपियों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। आरोपियों की ढिलाई से क्षेत्र में रोष पनप रहा है।
एक क्षेत्र के चुने हुए विधायक के वाहन पर इस तरह सरेआम हमला होना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर बड़ा धब्बा है। इस घटना ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक विधायक की गाड़ी पर इस प्रकार हमला हो सकता है और पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा? यदि समय रहते ऐसे असामाजिक तत्वों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके हौसले और अधिक बुलंद हो जाएंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है और आसपास के साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि यह हमला किसी पूर्व रंजिश या विवाद का नतीजा था, अथवा किसी असामाजिक तत्व द्वारा अचानक उठाया गया कदम था। इसके साथ ही वाहन के नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
फिलहाल, पूरा भाटापारा क्षेत्र पुलिस की आगामी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है कि आखिर कब तक पथराव करने वाले असामाजिक तत्व कानून की गिरफ्त में होंगे।