राजनाथ सिंह ने सीमा पार आतंकवाद की नई घटना पर पहले से बड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी।
पाकिस्तानी सैन्य कमांडर आमेर रजा ने किसी भी गलत आकलन पर कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही।
बयान में ऑपरेशन सिंदूर और कथित दुष्प्रचार का जिक्र किया गया, लेकिन किसी विशिष्ट सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं हुई।
Rajnath Singh Warning Pakistan: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आतंकवाद के खिलाफ सख्त चेतावनी के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग तेज होती दिख रही है। सिंह ने साफ कहा था कि सीमा पार से आतंकवाद की कोई नई घटना हुई तो भारत का जवाब पिछली कार्रवाई से भी बड़ा होगा।
इसके बाद पाकिस्तान के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने चेतावनी दी कि किसी भी गलत आकलन का जवाब ऐसा होगा, जिसकी कल्पना विरोधी पक्ष ने नहीं की होगी। पाकिस्तानी अधिकारी ने देश की सैन्य तैयारियों, परमाणु हथियारों और राष्ट्रीय एकता का भी जिक्र किया। आखिर राजनाथ सिंह के बयान पर पाकिस्तान की ओर से क्या कहा गया और ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ क्यों आया? जानिए इस पूरे घटनाक्रम की अहम बातें।
पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आमेर रजा ने शनिवार को पाकिस्तान सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों से लैस क्षेत्र में युद्ध की कोई जगह नहीं है।
साथ ही उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। रजा ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी गलत आकलन का जवाब विरोधी पक्ष की कल्पना से परे होगा। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ कथित शत्रुतापूर्ण इरादों और दुष्प्रचार का भी जिक्र किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 अक्टूबर को कहा था कि सीमा पार आतंकवाद की कोई भी नई घटना हुई तो भारत का जवाब पहले की कार्रवाई से भी बड़ा होगा।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट हवाई हमले और सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा था कि इन कार्रवाइयों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति में बदलाव दिखाया है।सिंह ने यह भी स्पष्ट किया था कि भारत शांति चाहता है, लेकिन उसकी प्रतिबद्धता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
जियो न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तानी कमांडर ने अपने संबोधन में दुष्प्रचार और नैरेटिव वॉरफेयर का मुद्दा भी उठाया। भारत का नाम लिए बिना उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष पाकिस्तान की जनता और सशस्त्र बलों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष गतिविधियों के जरिए अस्थिर करने की कोशिश किए जाने का भी दावा किया।
इससे एक दिन पहले पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफओ) ने भी राजनाथ सिंह की टिप्पणियों को उकसावे वाला बताते हुए उन पर आपत्ति जताई थी। उसने इन बयानों को कथित तौर पर आधिपत्यवादी मानसिकता से जुड़ा बताया था।
हालांकि, पाकिस्तानी सैन्य कमांडर के संबोधन में भारत की चेतावनी के जवाब में किसी विशिष्ट सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई। दोनों देशों के अधिकारियों के बयान ऐसे समय आए हैं, जब आतंकवाद और सुरक्षा को लेकर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज है।