47 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण (सौजन्य-IANS)
सरेंडर करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के सदस्य और साउथ बस्तर डिविजनल कमेटी के प्रभारी हेमला इय्थु उर्फ विज्जा भी शामिल हैं।सरेंडर करने वालों में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के 4 सदस्य, डीकेएसजेडसी के 28 सदस्य और साउथ बस्तर डीवीसी की 9वीं व 30वीं प्लाटून के 15 सदस्य शामिल हैं।इन माओवादियों ने आत्मसमर्पण के साथ 32 हथियार भी पुलिस को सौंपे हैं। इनमें एक लाइट मशीन गन (एलएमजी), चार एके-47 राइफल, तीन एसएलआर राइफल, दो इंसास राइफल, दो 410 मस्कट राइफल, एक 8 एमएम राइफल, 12 सिंगल शॉट गन, एक 9 एमएम पिस्टल, एक रिवॉल्वर, दो बीजीएल गन, दो एयर गन और एक एसबीबीएल गन शामिल हैं। इसके अलावा 515 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने बताया कि तेलंगाना सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति तथा पुलिस के सकारात्मक रवैये से प्रभावित होकर इन कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।डीजीपी ने बताया कि इन 47 कैडरों के आत्मसमर्पण पर कुल 1.50 करोड़ रुपये की इनामी राशि पात्रता अनुसार दी जाएगी। चूंकि सभी सरेंडर करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, इसलिए फिलहाल उन्हें 25-25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता दी गई है। शेष राशि दस्तावेजी प्रक्रिया और बैंक खाते खुलने के बाद दी जाएगी।डीजीपी ने बताया कि इस वर्ष अब तक तेलंगाना में कुल 260 भूमिगत माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। साथ ही 2026 में अब तक 238 हथियार बरामद किए जा चुके हैं, जिससे संगठन की हथियारबंद ताकत को बड़ा झटका लगा है।