NTA NEET UG 2026 Cutoff Reaches Record High Level: NEET UG 2026 के रिजल्ट जारी होने के बाद मेडिकल उम्मीदवारों के बीच कटऑफ को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस बार NTA की ओर से जारी क्वालीफाइंग कटऑफ पिछले साल के मुकाबले काफी ऊपर पहुंच गई है। खासतौर पर जनरल और EWS कैटेगरी के छात्रों के लिए न्यूनतम क्वालीफाइंग मार्क्स में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
NTA के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार कम छात्रों के परीक्षा में शामिल होने, री-एग्जाम और उम्मीदवारों की बेहतर तैयारी को कटऑफ बढ़ने की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
NEET UG 2026 में अनारक्षित (UR) और EWS कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए क्वालीफाइंग मार्क्स 213 अंक तय किए गए हैं। पिछले साल यह सीमा 144 अंक थी। यानी इस बार जनरल और EWS उम्मीदवारों की न्यूनतम कटऑफ में 69 अंकों का बड़ा उछाल आया है।
वहीं, OBC, SC और ST कैटेगरी के लिए भी क्वालीफाइंग कटऑफ बढ़ी है। इन वर्गों के लिए न्यूनतम अंक 177 रहे, जो पिछले साल के 113 अंकों से 64 अंक ज्यादा हैं।
NEET UG के पिछले तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कटऑफ में लगातार बदलाव देखने को मिला है।
इसी तरह OBC, SC और ST कैटेगरी के लिए भी 2026 में न्यूनतम अंक तेजी से बढ़े हैं। 2024 में जहां यह आंकड़ा 127 अंक था, वहीं 2025 में घटकर 113 हो गया था। इस साल यह बढ़कर 177 अंक तक पहुंच गया।
NEET UG 2026 के लिए करीब 22.80 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। यह संख्या पिछले साल के आसपास ही रही। हालांकि परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
इस साल करीब 19.99 लाख उम्मीदवार परीक्षा में बैठे, जबकि 2025 में यह संख्या 22.09 लाख थी। यानी इस बार लगभग 9 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
NEET UG 2026 में कुल क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवारों की संख्या भी पिछले साल की तुलना में कम रही। 2025 में जहां करीब 12.37 लाख छात्रों ने परीक्षा पास की थी, वहीं इस बार यह संख्या घटकर 11.21 लाख रह गई।
हालांकि, परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के मुकाबले सफलता दर करीब 56.1 प्रतिशत रही। विशेषज्ञों के मुताबिक, पास होने वाले छात्रों की संख्या में कमी का मुख्य कारण परीक्षा में कम उपस्थिति रही।
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इस साल EWS कैटेगरी के उम्मीदवारों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इस वर्ग के 61.8% उम्मीदवारों ने NEET UG क्वालीफाई किया।
कैटेगरी के हिसाब से सफलता दर इस प्रकार रही:
पहली बार EWS और OBC दोनों कैटेगरी में सफल उम्मीदवारों की दर 60% से ज्यादा रही।
कुल सफल उम्मीदवारों की संख्या पर नजर डालें तो OBC कैटेगरी सबसे आगे रही।
वहीं, PwBD कैटेगरी में परीक्षा देने वाले 8,912 उम्मीदवारों में से 3,666 उम्मीदवार सफल रहे। इस वर्ग की सफलता दर 41.1% रही।
NTA अधिकारियों के अनुसार री-एग्जाम और छात्रों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलने की वजह से इस बार प्रदर्शन बेहतर रहा। दोबारा परीक्षा देने वाले उम्मीदवार पहले से ज्यादा तैयार होकर आए जिससे कुल स्कोर बढ़ा और कटऑफ रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई।
NTA ने यह भी साफ किया है कि जारी की गई कटऑफ केवल क्वालीफाइंग कटऑफ है। मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य कोर्स में दाखिले के लिए एडमिशन कटऑफ इससे काफी ज्यादा होगी।
कॉलेज, राज्य और कैटेगरी के आधार पर मेडिकल सीटों की अंतिम कटऑफ अलग-अलग तय की जाएगी।