ISRO में रिसर्चर (सोर्स- AI) 
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ISRO में जूनियर रिसर्च फेलो बनने का सुनहरा मौका, स्पेस साइंस में कर सकेंगे शोध, मिलेगा ₹37,000 स्टाइपेंड

ISRO Junior Research Fellow: स्पेस साइंस और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में करियर बनाने का सपना होगा सच! ISRO लाया है जूनियर रिसर्च फेलोशिप प्रोग्राम, जिसमें ₹37,000 स्टाइपेंड मिलेगा।

दिव्या सिंह

ISRO URSC Recruitment 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के यू आर राव सैटेलाइट सेंटर (URSC), बेंगलुरु ने देश के होनहार युवाओं के लिए जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह उन युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और सुनहरा अवसर है, जो अपनी कमाई के साथ-साथ स्पेस साइंस और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में शोध यानी रिसर्च करना चाहते हैं।

इन एडवांस्ड क्षेत्रों में मिलेगा काम करने का अवसर

इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए योग्य उम्मीदवारों को अत्याधुनिक तकनीकों पर काम करने का मौका मिलेगा। उन्हें मुख्य रूप से स्पेसक्राफ्ट डेवलपमेंट (अंतरिक्ष यान विकास), वीएलएसआई (VLSI), ऑप्टिकल इंजीनियरिंग और थर्मल सिस्टम जैसे उन्नत व महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यावहारिक रूप से कार्य करने का अनुभव प्राप्त होगा। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, ऑप्टिक्स और थर्मल इंजीनियरिंग सहित विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जाएंगी।

आवश्यक शैक्षणिक योग्यताएं

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में दोहरी योग्यता होना अनिवार्य है, जिसमें संबंधित डिग्री और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा दोनों शामिल हैं। इंजीनियरिंग पदों के लिए उम्मीदवारों के पास एमई (ME), एमटेक (M.Tech) या एमएस (MS-इंजीनियरिंग) की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही, इस डिग्री में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक या 10-पॉइंट स्केल पर 6.5 सीजीपीए/सीपीआई होना आवश्यक है। विज्ञान या गणित के पदों के लिए उम्मीदवारों के पास एमएससी (M.Sc) में न्यूनतम 65 प्रतिशत अंक या 10-पॉइंट स्केल पर 6.84 सीजीपीए होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, आवेदन करने की अंतिम तिथि तक उम्मीदवार की अधिकतम आयु 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, यानी 28 साल तक के युवा ही इसके लिए पात्र हैं।

अनिवार्य राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा का नियम

इस फेलोशिप प्रोग्राम के लिए केवल पोस्टग्रेजुएट डिग्री होना ही पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवारों के पास CSIR-UGC नेट (लेक्चररशिप/असिस्टेंट प्रोफेसरशिप सहित), गेट (GATE), जेईएसटी (JEST) या जैम (JAM) में से किसी एक परीक्षा में उत्तीर्ण होने का वैध स्कोरकार्ड होना अनिवार्य है। इसके अलावा केंद्र सरकार के विभागों (जैसे डीएसटी, डीबीटी, डीएई, डीओएस, डीआरडीओ, एमएचआरडी) या संस्थानों (जैसे- IIT, IISC, IISER आदि) द्वारा आयोजित किसी एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का वैध स्कोरकार्ड होना भी मान्य होगा।

दो चरणों में पूरी होगी चयन प्रक्रिया

इस प्रतिष्ठित भर्ती की चयन प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में उम्मीदवारों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग होगी, जिसमें उनके शैक्षणिक अंकों, गेट/नेट स्कोर और अन्य निर्धारित मानदंडों के आधार पर एक शॉर्टलिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद, दूसरे चरण में शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बेंगलुरु बुलाया जाएगा। इंटरव्यू की तारीख और कॉल लेटर केवल पंजीकृत ई-मेल आईडी पर ही भेजे जाएंगे।

मिलने वाले वित्तीय लाभ और अन्य सुविधाएं

इस फेलोशिप में चयनित होने वाले उम्मीदवारों को प्रारंभिक स्टाइपेंड के रूप में ₹37,000 प्रति माह प्रदान किया जाएगा। यदि इसरो द्वारा हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो नियमानुसार HRA प्रदान किया जाएगा। अन्य सुविधाओं में स्वयं के लिए चिकित्सा लाभ, रियायती कैंटीन सुविधा और नियमानुसार आकस्मिक अवकाश शामिल हैं। इसका प्रारंभिक कार्यकाल दो वर्षों का होगा, जिसे परियोजना की आवश्यकता के अनुसार अधिकतम पांच वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है।

पंजीकरण प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथि

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 11 जुलाई, 2026 तक इस फेलोशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को इसरो की आधिकारिक वेबसाइट isro.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। आवेदन के समय अपनी फोटो, मार्कशीट, डिग्री प्रमाणपत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

ध्यान देने वाली बात ये है कि सरकारी एवं पीएसयू कर्मचारियों के लिए आवेदन के साथ एनओसी संलग्न करना अनिवार्य है।

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