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IAS Success Story: गरीबी, शादी का दबाव और संघर्ष...AIR 152 फिर भी बनी IAS, जानें सी. वनमथी के सफलता की कहानी

Women IAS Success: तमिलनाडु की सी. वनमथी ने गरीबी और कम उम्र में शादी के दबाव को मात देकर UPSC 2014 में AIR 152 हासिल की। भैंस चराने वाली यह लड़की आज IAS अधिकारी बनकर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।

करुणा नंद शाहवाल

IAS C Vanmathi Biography: कुछ कहानियां सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि हौसले की मिसाल बन जाती हैं। तमिलनाडु के इरोड जिले की रहने वाली सी. वनमथी ने गरीबी, सामाजिक दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वह मुकाम हासिल किया, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं। बचपन में परिवार की मदद के लिए भैंसें चराने वाली वनमथी पर 12वीं में ही शादी का दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने पढ़ाई को चुना।

BCA और MCA की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और 2014 की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 152 हासिल कर IAS अधिकारी बन गईं। उनकी प्रेरक यात्रा साबित करती है कि मजबूत इरादों के आगे हालात भी हार मान लेते हैं। आइए इस खबर में जानतें हैं सी. वनमथी के बारे में सफलता की पूरी कहानी।

भैंस चराकर किया परिवार का सहारा

तमिलनाडु के इरोड जिले की रहने वाली सी. वनमथी का बचपन आर्थिक तंगी में बीता। उनके पिता ड्राइवर थे और सीमित आय में पूरे परिवार का गुजारा होता था।

घर की जिम्मेदारियां निभाने के लिए वनमथी पढ़ाई के साथ भैंस चराती थीं और उनके लिए चारे का इंतजाम भी करती थीं। मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने शिक्षा को कभी नहीं छोड़ा।

पहले ही प्रयास में UPSC इंटरव्यू तक पहुंचीं सी. वनमथी

12वीं में शादी का दबाव, लेकिन चुनी पढ़ाई

जिस समुदाय से वनमथी आती हैं, वहां कम उम्र में लड़कियों की शादी करना आम माना जाता था। 12वीं कक्षा में पहुंचते ही उन पर भी शादी का दबाव बनने लगा, लेकिन उन्होंने समाज और रिश्तेदारों की बात मानने के बजाय अपनी पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया।

बता दें कि सामाज के दबाव के बीच वनमथी के लिए इतना बड़ा निर्णय लेना आसान नहीं था लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने यह फैसला लिया। उनका लक्ष्य था कि पहले आत्मनिर्भर बनें, फिर जीवन के अन्य फैसले लें।

एक टीवी सीरियल ने बदल दी जिंदगी

स्कूल के दिनों में वनमथी अक्सर ‘गंगा यमुना सरस्वती’ नाम का टीवी धारावाहिक देखती थीं। इसमें एक महिला IAS अधिकारी का किरदार उनकी प्रेरणा बन गया।

उस अधिकारी का सम्मान, जिम्मेदारी और समाज पर प्रभाव देखकर उन्होंने उसी समय तय कर लिया कि एक दिन वह भी IAS अधिकारी बनेंगी, और यही सपना आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

BCA-MCA के बाद शुरू हुई UPSC की असली जंग

सी. वनमथी ने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा। पहले उन्होंने BCA किया, फिर MCA की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने तय कर लिया कि अब पूरा ध्यान सिर्फ UPSC पर देना है। उन्होंने नियमित पढ़ाई, नोट्स और लगातार अभ्यास के दम पर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

IAS सी. वनमथी हजारों लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत

इंटरव्यू से पहले आई सबसे कठिन परीक्षा

वनमथी अपने पहले ही प्रयास में UPSC इंटरव्यू तक पहुंच गई थीं। लेकिन उसी समय उनके पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

एक तरफ अस्पताल और परिवार की जिम्मेदारी थी, तो दूसरी तरफ इंटरव्यू की तैयारी। मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दोनों जिम्मेदारियों को साथ लेकर आगे बढ़ती रहीं।

2014 में AIR 152 हासिल कर बनीं IAS

लगातार मेहनत का नतीजा आखिरकार मिला ही गया। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2014 में वनमथी ने ऑल इंडिया रैंक 152 हासिल की और IAS अधिकारी बनीं। भैंस चराने से लेकर प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।

यह सफलता सिर्फ उनकी कहानी नहीं बल्कि हजारों लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत है, जिनका मानना हैं कि किसी भी अगर उनका लक्ष्य बड़ा है, तो उसे भी प्राप्त किया जा सकता है।

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