असफलता को बनाया सफलता की सीढ़ी:4 नंबर से चूके पर नहीं मानी हार, 25 साल के अनमोल ने UPSC CAPF में रचा इतिहास

UPSC CAPF 271 Rank : सागर के गढ़ाकोटा के 25 वर्षीय अनमोल जैन ने UPSC CAPF में ऑल इंडिया 271वीं रैंक हासिल की। चार नंबर से पिछली बार चूकने के बाद मेहनत कर असिस्टेंट कमांडेंट बने।
Anmol Jain Achieves 271st Rank in UPSC CAPF
25 साल के अनमोल ने UPSC CAPF में हासिल की 271वीं रैंक(फोटो सोर्स- नवभारत)
Updated on

Anmol Jain UPSC CAPF Success : अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत लगातार जारी रहे, तो असफलता भी सफलता की सीढ़ी बन सकती है। सागर जिले के गढ़ाकोटा के 25 वर्षीय अनमोल जैन ने इसी बात को सच साबित कर दिखाया है। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार UPSC CAPF परीक्षा में ऑल इंडिया 271वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमांडेंट का पद हासिल किया। अनमोल की सफलता से परिवार के साथ पूरे गढ़ाकोटा में खुशी का माहौल है।

अनमोल की सफलता इसलिए खास है, क्योंकि उन्हें यह मुकाम आसानी से नहीं मिला। पिछले करीब साढ़े तीन साल से वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने क्लर्क से लेकर उच्च स्तर तक की 20 से ज्यादा सरकारी नौकरी की परीक्षाएं दीं। कई परीक्षाओं में असफलता मिली, लेकिन उन्होंने तैयारी जारी रखी। UPSC CAPF में यह उनका तीसरा प्रयास था।

महज चार नंबर से छूटा था मौका

अनमोल के लिए पिछला CAPF प्रयास बेहद करीब तक पहुंचकर भी सफलता से दूर रह गया था। वह महज चार नंबर से चयन से चूक गए थे। इतनी करीबी असफलता के बाद भी उन्होंने इसे अपनी हार नहीं माना। अनमोल ने अपनी गलतियों का विश्लेषण किया और कमजोर विषयों पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने अगले प्रयास के लिए पहले से ज्यादा अनुशासित तरीके से तैयारी की।

दिल्ली में रहकर रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई

तैयारी के दौरान अनमोल दिल्ली के हॉस्टल में रहे। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम और सेल्फ स्टडी को अपनी तैयारी का आधार बनाया। उनकी रोजाना की दिनचर्या में 8 से 10 घंटे की पढ़ाई शामिल थी। वह छोटे-छोटे नोट्स तैयार करते, नियमित रूप से रिवीजन करते और ऑनलाइन मॉक टेस्ट के जरिए अपनी तैयारी को परखते थे। लगातार अभ्यास और कमजोरियों पर काम करने का फायदा उन्हें इस बार परीक्षा परिणाम में मिला।

माता-पिता की खुशी बनी सबसे बड़ी प्रेरणा

अनमोल बताते हैं कि लगातार असफलताओं के दौरान कई बार हौसला टूटता था, लेकिन माता-पिता के चेहरे की खुशी की उम्मीद उन्हें दोबारा मेहनत करने की ताकत देती थी। उनका सपना था कि एक दिन वह अपने माता-पिता को अपनी सफलता पर गर्व महसूस करा सकें। अनमोल के पिता अरविंद जैन वकील हैं, जबकि उनकी मां अर्चना जैन शिक्षिका हैं। दो भाई-बहनों में अनमोल सबसे छोटे हैं।

Anmol Jain Achieves 271st Rank in UPSC CAPF
सिंगरौली: तिरंगा यात्रा में बिगड़ी बच्चों की तबीयत, तेज धूप और उमस के कारण कई ज्यादा छात्र-छात्राएं गिरे

युवाओं के लिए मिसाल बनी अनमोल की कहानी

UPSC CAPF में 271वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमांडेंट बनने वाले अनमोल जैन की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो एक-दो असफलताओं के बाद हार मान लेते हैं। उनकी सफलता बताती है कि असफलता मंजिल नहीं, बल्कि अगली जीत की तैयारी हो सकती है। करीब चार नंबर से चूकने के बाद भी अनमोल ने प्रयास जारी रखा और आखिरकार अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया। उनकी मेहनत और धैर्य ने न सिर्फ परिवार का सपना पूरा किया, बल्कि गढ़ाकोटा का नाम भी रोशन किया।

Navbharat Live
navbharatlive.com