CBSE Language Policy : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप भाषा शिक्षा लागू करने के निर्देश दिए हैं। नई गाइडलाइन के अनुसार छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी।
हालांकि, बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों वाले छात्रों को इस नियम से छूट दी जा सकती है। इसका उद्देश्य सभी छात्रों को उनकी जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है।
CBSE के अनुसार दिव्यांग (CWSN) छात्र, गंभीर चिकित्सीय समस्या से जूझ रहे विद्यार्थी और अन्य विशेष परिस्थितियों वाले छात्रों को निर्धारित नियमों के तहत भाषा संबंधी आवश्यकताओं में राहत दी जा सकती है। ऐसे मामलों में स्कूलों को संबंधित दस्तावेजों की जांच करने के बाद निर्णय लेना होगा।
बोर्ड ने यह भी कहा है कि स्कूल छात्रों और अभिभावकों को भाषा चयन की प्रक्रिया की पूरी जानकारी दें और किसी भी छात्र पर किसी विशेष भाषा का अनावश्यक दबाव न बनाया जाए। अलग-अलग राज्यों और स्कूलों में उपलब्ध भाषाओं के आधार पर भी विकल्प दिए जा सकते हैं, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो।
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बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि यदि किसी छात्र को छूट दी जाती है तो उसका पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए। साथ ही सभी स्कूल भाषा नीति को पारदर्शी तरीके से लागू करें और अभिभावकों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं।
CBSE का कहना है कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों में बहुभाषी क्षमता विकसित करना और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना है, न कि किसी भाषा को अनिवार्य रूप से थोपना। छात्र और अभिभावक विस्तृत दिशा-निर्देश और अन्य जानकारी के लिए CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जारी गाइडलाइन देख सकते हैं।