केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (फोटो - गूगल इमेज) 
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CBSE ने लॉन्च किया नया सुरक्षित पोर्टल, री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी

CBSE Portal : CBSE ने री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए नया सुरक्षित पोर्टल तैयार किया। IIT विशेषज्ञों की मंजूरी के बाद अब छात्रों की आंसर शीट की दोबारा जांच सुरक्षित तरीके से की जाएगी।

हितेश तिवारी

CBSE Re-evaluation Marks Verification Portal Launch: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बोर्ड ने आंसर शीट के री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नया डिजिटल पोर्टल तैयार किया है।

इस नए सिस्टम को लागू करने से पहले इसकी सुरक्षा जांच देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा की गई, जिसके बाद इसे उपयोग के लिए मंजूरी दे दी गई है। अब बोर्ड के पास छात्रों की कॉपियों की दोबारा जांच से जुड़ी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से संचालित करने का रास्ता साफ हो गया है।

CBSE ने IIT से प्रमाणित नया सुरक्षित पोर्टल शुरू किया

जानकारी के अनुसार, CBSE द्वारा पहले इस्तेमाल किए जा रहे पोर्टल में कुछ तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आई थीं। जांच में पाया गया था कि सिस्टम में मौजूद कमजोरियों का गलत इस्तेमाल कर डेटा और रिकॉर्ड तक अनधिकृत पहुंच बनाई जा सकती थी।

इसी कारण बोर्ड ने पुराने पोर्टल को बंद करने का फैसला लिया और अधिक सुरक्षित विकल्प विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया। नए पोर्टल में कई अतिरिक्त सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं, जिससे छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी और परीक्षा रिकॉर्ड को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि पोर्टल का उपयोग पहले की तरह ही आसान रहेगा, लेकिन साइबर सुरक्षा के लिहाज से यह काफी मजबूत बनाया गया है।

इस नए सिस्टम को विकसित करने में कई प्रतिष्ठित संस्थानों ने मिलकर काम किया है। इसमें डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन, आईआईटी मद्रास और Indian Institute of Technology Kanpur की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विशेषज्ञों ने सिस्टम की कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर किया और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाया।

CBSE ने मूल्यांकन से जुड़ा पूरा डेटा अपने सर्वर पर ट्रांसफर किया

इसके साथ ही CBSE ने मूल्यांकन से जुड़ा पूरा डेटा अपने नियंत्रण वाले सर्वर पर ट्रांसफर कर दिया है, जिससे अब सभी रिकॉर्ड पर सीधे बोर्ड की निगरानी रहेगी और डेटा लीक जैसी आशंकाएं काफी कम हो जाएंगी।

री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 7 जून थी। बोर्ड के अनुसार 4 जून तक 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके थे। इनमें बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच और अंकों के सत्यापन की मांग की है। नए पोर्टल के शुरू होने से छात्रों को अधिक भरोसेमंद, सुरक्षित और पारदर्शी प्रक्रिया का लाभ मिलने की उम्मीद है।

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