नई दिल्ली : लगभग नौ महीने पहले ही यूपीआई पर क्रेडिट लाइन के बारे में ऐलान किया गया था। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम जल्द ही यूपीआई इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए क्रेडिट लाइन सुविधा शुरू करने वाला है। इससे आपको कई फायदे होने वाले हैं, जिसको लेकर यह जानकारी साझा की गयी है।
बताया जा रहा है कि यह सुविधा शुरू होने के बाद आपका यूपीआई खाता क्रेडिट कार्ड की तरह काम करेगा। इससे आपके खाते में पैसा न होने पर भी आराम से भुगतान किया जा सकेगा। दरअसल यूपीआई पर क्रेडिट लाइन और कुछ नहीं बल्कि बैंक खाते का उपयोग करने वाले ग्राहक के लिए यह पूर्व-स्वीकृत कर्ज जैसा है। यह बैंक खाता ग्राहकों के यूपीआई खातों से लिंक होता है।
सिबिल स्कोर के हिसाब से क्रेडिट लाइन
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम का कहना है कि हर ग्राहक को उसके सिबिल स्कोर के हिसाब से क्रेडिट लाइन मिलेगी। इस क्रेडिट का इस्तेमाल सिर्फ व्यापारी के पास किया जा सकेगा। हालांकि इसके एवज में बैंक निश्चित ब्याज भी वसूलेंगे। निगम ने कई निजी और सरकारी बैंकों से इस संबंध में वार्ता की है। अब तक आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, पीएनबी, इंडियन बैंक और एक्सिस बैंक जुड़ने की सहमति दे चुके हैं।
ओवरड्राफ्ट सुविधा की तरह करेगा काम
इस सुविधा का फायदा ग्राहकों के साथ दुकानदारों को भी होगा। अभी क्रेडिट कार्ड से दो हजार से ऊपर का भुगतान करने पर दुकानदारों को करीब दो फीसदी का चार्ज देना पड़ता है। यूपीआई में क्रेडिट लाइन 'मिलने के बाद इस तरह की' फीस नहीं चुकानी यह होगी। अलग बात है कि क्रेडिट कार्ड में एक निश्चित अवधि तक आपको कोई ब्याज नहीं देना पड़ता लेकिन यूपीआई की क्रेडिट लाइन में आपको इस्तेमाल की गई राशि पर ब्याज देना पड़ेगा। यह एक तरह से ओवरड्राफ्ट सुविधा की तरह काम करेगा।
1.2 प्रतिशत इंटरचेंज का प्लान
हर लेनदेन पर व्यापारी क्रेडिट जारीकर्ता को कमीशन देता है, वह ही इंटरचेंज है। मर्चेंट डिस्काउंट रेट का का यह 90 प्रतिशत हिस्सा है। लेनदेन को और ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापारी बैंकों को यह शुल्क देते हैं। निगम जल्द ही यूपीआई क्रेडिट लाइन के लिए 1.2 फीसदी इंटरचेंज का ऐलान कर सकता है। इस संबंध में जल्द ही सर्कुलर भी जारी किये जाने की उम्मीद है। यूपीआई ऐप्स और से कमाई में हिस्से को लेकर बातचीत कर रही है। थर्ड पार्टी एप (टीपीएपी) जैसे पेटीएम, फोनपे, गूगल पे को हर ट्रांजेक्शन के लिए कमीशन दिया जा सकता है।
कतर में भी शुरू करने की तैयारी
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने कतर में क्यू आर कोड आधारित यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) भुगतान सेवा शुरू करने के लिए क्यूएनबी के साथ करार किया है। निगम ने कहा और अफ्रीका के सबसे बड़े वित्तीय संस्थान क्यूएनबी के साथ यूपीआई भुगतान शुरू करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी भारतीय पर्यटकों को खुदरा स्टोर, पर्यटक आकर्षण, हॉलीडे डेस्टीनेशन, शुल्क-मुक्त दुकानों और होटलों में अपनी पसंदीदा भुगतान विधि का उपयोग करने का विकल्प प्रदान करेगी।
-एजेंसी इनपुट के साथ