वोडाफोन आइडिया (सौ. सोशल मीडिया ) 
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कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया को मिला AST स्पेसमोबाइल का सहारा, सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए हुई पार्टनरशिप

टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी वोडाफोन आइडिया जो इन दिनों कर्ज के बोझ तले डूब गई है। इस कंपनी ने हाल ही में एलन मस्क की सबसे बड़ी कॉम्पीटिटर कंपनी एएसटी स्पेसमोबाइल के साथ पार्टनरशिप की है।

अपूर्वा नायक

नई दिल्ली : वोडाफोन आइडिया जिसका नाम पहले टेलीकॉम सेक्टर की टॉप कंपनियों में शामिल हुआ करता था। अब यही कंपनी के कर्ज में डूब जाने की खबर से सभी हैरान हैं। वोडाफोन आइडिया ने स्मार्टफोन पर डायरेक्ट सैटेलाइट सर्विस देने के लिए बुधवार को एएसटी स्पेसमोबाइल के साथ पार्टनरशिप का ऐलान किया है।

आपको बता दें कि एएसटी स्पेसमोबाइल एलन मस्क के स्वामित्व वाली कंपनी स्पेसएक्स की कॉम्पीटिटर है। स्पेसएक्स की यूनिट स्टारलिंक को हाल ही में भारत में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस देने का लाइसेंस मिला है। वोडाफोन आइडिया ने बयान में कहा कि एएसटी स्पेसमोबाइल पहला और एकमात्र स्पेस बेस्ड सेल्यूलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क विकसित कर रही है। इस नेटवर्क के माध्यम से सीधे स्मार्टफोन से संपर्क साधा जा सकता है और इसे कमर्शियल एवं सरकारी दोनों इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है।

कंपनी ने कहा है कि वोडाफोन आइडिया और एएसटी स्पेसमोबाइल इंक ने भारत के संपर्क से वंचित इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार करने के लिए एक स्ट्रेटेजिकल पार्टनर की है। टेलीकॉम कंपनी ने कहा है कि एसएटी स्पेसमोबाइल ने एक मोबाइल फोन के माध्यम से अंतरिक्ष से पहली बार वॉयस एवं वीडियो कॉल करके इतिहास रच दिया। यह एक मील का पत्थर है जो इसकी एडवांस टेक्नोलॉजी की असली दुनिया में व्यवहार्यता को दर्शाता है।

वोडाफोन आइडिया की प्रमोटर फर्म वोडाफोन पीएलसी पहले ही एएसटी स्पेसमोबाइल के साथ एक समझौते पर साइन कर चुकी है। पिछले साल एएसटी स्पेसमोबाइल ने एटीएंडटी, वेरिजोन, गूगल और वोडाफोन से अतिरिक्त रणनीतिक इंवेस्टमेंट हासिल किया था। उसने सीधे और प्रमुख ठेकेदारों के जरिये अमेरिकी सरकार से भी नए कॉन्ट्रेक्ट हासिल किए हैं। कंपनी ने ग्लोबल लेवल पर 45 से ज्यादा मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर के साथ डील की हैं।

एएसटी स्पेसमोबाइल के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी क्रिस आइवरी ने कहा है कि भारत अपने विशाल एवं गतिशील टेलीकॉम मार्कट के साथ यह दर्शाने के लिए एक आदर्श जगह है कि हमारा अंतरिक्ष-आधारित सेल्युलर ब्रॉडबैंड कितनी आसानी से स्थलीय नेटवर्क का पूरक बन सकता है। हम सिर्फ कवरेज नहीं बढ़ा रहे हैं बल्कि कनेक्टिविटी की बाधाएं तोड़ रहे हैं, जिससे स्मार्टफोन सीधे अंतरिक्ष से 4जी एवं 5जी सेवाएं ले सकते हैं।

मस्क के स्वामित्व वाली स्पेसएक्स भी स्मार्टफोन पर सीधे उपग्रह सेवा देने के लिए इसी तरह की प्रौद्योगिकी पर काम कर रही है। स्पेसएक्स की स्टारलिंक ने पहले ही रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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